भारत के द्वीप समूह का सविस्तार वर्णन कीजिए

भारत के द्वीप समूह (Indian island in hindi) –

भारत का समुद्री तट अधिक कटा-फटा नहीं है फिर भी उसके समीपवर्ती भागों में अनेक द्वीप पाए जाते हैं! भारत में द्वीपो की कुल संख्या 1,208 है, जिसमें छोटे और बड़े दोनों प्रकार के द्वीप शामिल है! भारतीय समुद्र तटों पर कुल द्वीपो की संख्या 245 है, जिनमें से 204 द्वीप बंगाल की खाड़ी में तथा 43 द्वीप अरब सागर में स्थित है! भारत के द्वीप समूह (Indian island) निम्न दो श्रेणीयों में बांटा गया है –

(A) अरब सागर के द्वीप (arab sagar ke dweep)- 

अरब सागर में द्वीप समूह उत्तर में कच्छ की खाड़ी से दक्षिण में कन्याकुमारी अंतरीप तक फैले हुए हैं इन द्वीपों की तटीय भागों से दूरी के आधार पर निर्णय दो भागों में बांटा गया है –

(1) सुदूरवर्ती द्वीप – 

भारत के द्वीप समूह (Indian island in hindi

ऐसे द्वीप समूह समुद्र तट से 5 किमी. से अधिक दूरी पर स्थित है! इन द्वीपों में लक्षद्वीप, मिनीकाय तथा अमनदीव सम्मिलित है! लक्षद्वीप समूह में कुल 36 द्वीप हैं! लक्षद्वीप समुद्री तट से 200 से 300 किमी की दूरी पर स्थित है! आण्डेट लक्षद्वीप  का सबसे बड़ा द्वीप समूह है! पिटली द्वीप जहां मनुष्य का निवास नहीं है परंतु वह पक्षी अभ्यारण है!

(2) निकटवर्ती द्वीप – 

भारत के पश्चिमी तट पर अरब सागर में अनेक दीप है जो कटवा चट्टानों पर स्थित है! यह दीप समूह निम्न है – नीरम व भैंसला द्वीप, भटकल और पिजनकाक द्वीप आदि! 

(B) बंगाल की खाड़ी के द्वीपसमूह (bangal ki khadi ke deep samuh)- 

(1) सुदूरवर्ती द्वीप – 

बंगाल की खाड़ी के सुदूरवर्ती द्वीपों में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह प्रमुख है, जो क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा द्वीप एवं केंद्रशसित  प्रदेश है जिसका क्षेत्रफल 8,300 वर्ग किमी. है! अंडमान निकोबार  द्वीप समूह में सैंडल पिक (730) सबसे ऊंची चोटी है!

अंडमान-निकोबार में एक समय मूल जनजातियों के छह से सात समूह पाए जाते थे! जो इस प्रकार हैं – जारवा, ओन्गे, ग्रेट अंडमानीज, सेंटेनेलीज, शोम्पेंस और बो। आज इनमें से सिर्फ 4 ही जनजाति समूह बचे हैं। सेंटिनल द्वीप पर आज भी हजारों साल पुराना इंसानी कबीला रहता है।

निकोबार द्वीप समूह में 19 द्वीप हैं! पोर्ट ब्लेयर दक्षिणी अंडमान में है! इस द्वीप समूह में बैरन द्वीप एक सक्रिय ज्वालामुखी है! इस समूह के समीपवर्ती भागों में प्रवाल भितियों की बहुलता है! 

(2) निकटवर्ती द्वीप – 

बंगाल की खाड़ी के तटवर्ती भागों पर गंगा नदी का डेल्टाई भाग में अनेकों छोटे-छोटे द्वीप हैं! जिनमें गंगासागर तथा न्यूमूर द्वीप प्रमुख है! भारत तथा श्रीलंका के मध्य स्थित सागरीय क्षेत्र में कठोर चट्टानी भागों से निर्मित संबंधी प्रमुख से निर्मित पंबन द्वीप समूह है!   

भारत के अन्य प्रमुख द्वीप –

    क द्वीप

     भौगोलिक स्थिति

नीरमा व बैंसला द्वीप

काठियावाड़ के दक्षिणी पूर्वी तट के पास

खाडियावेट व आलियावेट 

नर्मदा एवं ताप्ती के मुहाने पर

दीऊ (दोऊ) 

खंभात की खाड़ी में

भटकल और पिजनकाक

मंगलौर के उत्तर में

हमारे, कैमरे, बुचर, एलीफेंटा व अरनाला

मुंबई के निकट

(1) पिटली द्वीप –

पिटली द्वीप लक्ष्यद्वीप समूह के अंतर्गत आता है! यहां पर मनुष्य का निवास नहीं है, परंतु यहां एक पक्षी अभयारण्य है! इस द्वीप पर कई पक्षी अण्डे देने के लिए आते हैं जिस कारण इसे “पक्षीपिट्टी” कहा जाता है।

द्वीपों का महत्व –

(1) जलवायु को सम बनाए रखते हैं!

(2) वैदेशिक व्यापार को प्रोत्साहन

(3) मत्स्य पालन हेतु महत्त्वपूर्ण

(4) देश की सुरक्षा में सहायक

आप ने इस लेख में भारत के द्वीप समूह के बारे में जाना!

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