वनों के विभिन्न (Types of Forest) प्रकार बताइये

वनों के प्रकार (Types of forest in hindi) –

भारत में वनों (Forest) को अनेक प्रकार से वर्गीकृत किया गया है जिसमें से कुछ प्रमुख वर्गीकरण इस प्रकार है –

वनों का प्रशासनिक वर्गीकरण –

सुरक्षा की दृष्टि से भारत में तीन प्रकार के वन पाए जाते हैं –

(1) सुरक्षित वन (Safe forest in hindi ) – 

इस श्रेणी के वन पूर्णतया सरकारी संपत्ति माने जाते हैं! इन वनों में लकड़ी काटना तथा पशु चराना आदि पूर्णतया प्रतिबंध है! भारत में इस श्रेणी में वन भारत के कुल वन क्षेत्र लगभग 54% भाग पर पाए जाते हैं! भूमि अपरदन से सुरक्षा, मरुस्थल का प्रसार रोकने तथा बाढो़ को नियंत्रण तथा जलवायु में मृदुलता कायम रखने की दृष्टि से इन वनों का सर्वाधिक महत्व है! 

(2) संरक्षित वन (protected forest in hindi)- 

इस श्रेणी के वनों में विशेष नियमों के अंतर्गत लकड़ी काटने तथा पशु चराने की सुविधा भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाती है! इस उद्देश्य से सरकार द्वारा कुछ व्यक्तियों को लाइसेंस उपलब्ध कराया जाता है! देश में 29% भाग पर यह वन पाए जाते हैं! वन उत्पाद जैसे इमारती एवं जलाऊ लकड़ी इससे प्राप्त होती है! 

(3) अवर्गीकृत वन (unclassified forest in hindi ) – 

उपयुक्त दोनों वर्गों को छोड़कर बचे हुए शेष वन इसी श्रेणी में आते हैं! इन वनों में लकड़ी काटने तथा पशु चराने पर कोई सरकारी प्रतिबंध नहीं होता है! यह वन निजी स्वामित्व में भी आते हैं! भारत के लगभग 16% भाग पर यह वन पाए जाते हैं!  

वनों का वैधानिक (स्वामित्व) वर्गीकरण –

स्वामित्व के आधार पर वन तीन प्रकार के होते हैं-

(1) राजकीय वन (state forest in hindi)- 

ये वन पूर्णतः सरकारी नियंत्रण में होते हैं! देश के लगभग 95% वन इस श्रेणी में आते हैं! 

(2) सामुदायिक वन (Community Forest in hindi) – 

यह वन स्थानीय निकायों जैसे – नगर पालिका, नगर निगम, ग्राम पंचायत तथा जिला परिषद के नियंत्रण में होते हैं! देश के कुल वन क्षेत्र का 3.1% क्षेत्र के अंतर्गत आता है! 

(3) व्यक्तिगत वन (Individual forest in hindi)- 

ये वन व्यक्तिगत अधिकार के अंतर्गत आते हैं! देश के कुल वन क्षेत्र का 1.7% भाग इन वनों के अंतर्गत आता है!  

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