झील(Lakes)किसे कहते हैं?उत्पत्ति एवं वर्गीकरण,झीलों से संबंधित कुछ तथ्य

झील, उत्पत्ति एवं वर्गीकरण

झील (Lakes) –

सामान्यता एक झील कोई स्थल खंड पर स्थित जल से भरे गर्त के रूप में परिभाषित किया जाता है ! झीले आंतरिक भूमि के वह भाग होते हैं जहां जल विद्यमान होता है ! साधारणत: झीले स्थाई होती है! 

उत्पत्ति एवं वर्गीकरण (Origin And Classifications of Lakes) –

झीले संसार के लगभग सभी भागों में पाई जाती है! परंतु इसका विश्व वितरण एक समान नहीं है! धरातल पर प्राकृतिक गर्तों का होना, इन गर्तो के तल में अपारगम्य चट्टानों का पाया जाना तथा वर्षा अथवा हिम के पिघलने से समुचित मात्रा में जल की आपूर्ति झीलों की उत्पत्ति तथा वितरण को प्रभावित करने वाले कारक है ! झील कौ उनके पानी की प्रकृति के आधार पर स्वच्छ पानी की झीले तथा खारे पानी की झीलों में वर्गीकृत किया जा सकता है! 

मीठे ( स्वच्छ ) पानी की झीलें (Sweat Water Lakes) –

इन झीलों का पानी मीठा होता है तथा इनमें पानी की आपूर्ति नदियों अथवा हीम के पिघलने से होती है! उच्च तथा मध्य अक्षांशों के आर्द्र क्षेत्रों में इस प्रकार की झीलें अधिक पाई जाती है! बैकाल, मानसरोवर, टिटिकाका, वुलर, डल, आदि स्वच्छ पानी की झीले हैं!

खारे पानी की झीले (Solt Water lakes)-

ये झीले सामान्यतः कम वर्षा वाले क्षेत्रों, आंतरिक अपवाह वाले क्षेत्रों अथवा उच्च वाष्पीकरण वाले क्षेत्रों में पाई जाती है! इन झीलों से नदियाँ नहीं निकलती तथा इनके पानी का परिवर्तन अथवा नवीनीकरण नहीं होता, जिसे इन झीलों में लवण एकत्र होते रहते हैं और झीले खारी हो जाती है ! 

 उत्पत्ति के आधार पर झीलें दो प्रकार की होती हैं –

प्राकृतिक झीलें (Natural Lakes) –

natural lakes

प्राकृतिक झीले विवर्तनिकी हलचलों, ज्वालामुखी क्रियाओं तथा विभिन्न अपरदन तथा निक्षेपण के कारकों के कार्यों से बनती है! अभिनतियों में निर्मित रिफ्ट घाटियों में बनी झील, अवशिष्ट झीले झीले तथा भूकंप के कारण नीचे धसे क्षेत्रों में बनी झीले विवर्तनिक हलचलो से उत्पन्न झीलों के उदाहरण हैं! 

उदाहरण – लोनार (क्रेटर) बैकाल, अरल सागर ,मृत सागर, चाड झील आदि ! 

मानव निर्मित झीलें (Artificial Lakes) –

Artificial Lakes

यद्यपि कृतिम झीलों का निर्माण विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाता है, परंतु सिंचाई तथा जल विद्युत उत्पादन के लिए बनाए गए बांधों से बनी झीलों इनमें सबसे महत्वपूर्ण है! कुछ कृत्रिम झीलों का निर्माण नगरों के लिए जलापूर्ति के लिए तथा प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी किया जाता है! 

उदाहरण – गोविंद सागर, गांधी सागर, जवाहर सागर आदि! 

झीलों से संबंधित कुछ तथ्य (important Facts about Lakes-

(1) कैस्पियन सागर विश्व की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है ,जिसका क्षेत्रफल 3,71,000 वर्ग किलोमीटर है ! यह रूस, कजाकिस्तान ,तुर्कमेनिस्तान अजरबैजान तथा ईरान के साथ सीमा बनाती है! 

(2)टांगानिका झील विश्व की सबसे लंबी मीठे पानी की झील है यह विश्व की दूसरी सबसे गहरी झील है इसका क्षेत्रफल 32,900 वर्ग किलोमीटर है यहां तंजानिया, जैम्बिया तथा जैरे के साथ सीमा बनाती है! 

(3) सुपीरियर झील मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है जिसका का क्षेत्रफल 82,100 वर्ग किलोमीटर है यह अमेरिका और कनाडा में है 

(4) विक्टोरिया झील तंजानिया और युगांडा के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा बनाती है जिसका क्षेत्रफल 69484 वर्ग किलोमीटर है यह केन्या,युगांडा तथा तंजानिया से सीमा साझा करती है! 

(5) भारत की सबसे बड़ी तटीय झील चिल्का झील (ओडिशा) हैं, जो खारे पानी का एक लैगून झील है! यहां नौसेना का प्रशिक्षण केंद्र भी है! 

(6) भारत में सबसे बड़ी मीठे पानी की झील वुलर झील जम्मू-कश्मीर में है! इसका क्षेत्रफल 160 वर्ग किलोमीटर है! तुलबुल परियोजना इसी पर संचालित हो रही है! 

(7) भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील गोविंद बल्लभ पंत सागर है, जो रिहंद नदी पर बनाए गए बांध से बनी है! 

(8) भारत में सबसे अधिक खारे पानी की झील सांभर झील है जो राजस्थान में है इसका क्षेत्रफल 230 वर्ग किलोमीटर है ! 

(9) महाराष्ट्र के बुलढाना जिले में स्थित लोनार झील ज्वालामुखी उद्गागर से बनी झील है! 

(10) भारत में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित झील चोलामू झील है, जो सिक्किम में स्थित है ! तीस्ता नदी का उद्गम यहीं से होता है

 

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