भारत के प्रमुख दर्रे (Bharat ke pramukh Darre)

Bharat ke pramukh darre

भारत के प्रमुख दर्रे (Bharat ke pramukh darre in hindi) –

(1) बनिहाल दर्रा (banihal darra) – 

बनिहाल दर्रा जम्मू कश्मीर को श्रीनगर से जोड़ता है, यह समुद्र तल से 2835 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है शीत ऋतु में प्राय: यह दर्रा बर्फ से ढक जाता है, इसलिए सड़क परिवहन की व्यवस्था करने के उद्देश्य से यहां जवाहर सुरंग का निर्माण किया गया है. जवाहर सुरंग का उद्घाटन दिसंबर 1956 में किया गया! 
 

(2) पीरपंजाल दर्रा (pir panjal darra)  – 

जम्मू कश्मीर नगर से जोड़ने वाला यह दर्रा इतिहासिक मुगल रोड पर स्थित है, जम्मू को कश्मीर नगर से जोड़ने वाला यह दर्रा सबसे सरल एवं छोटा रास्ता है! Bharat pramukh Daree
 

(3) काराकोरम दर्रा (karakoram darra) – 

यह दर्रा जम्मू कश्मीर राज्य के लद्दाख में काराकोरम पहाड़ियों के मध्य स्थित है, इस दर्रे से होकर यारकंद तथा तारिम बेसिन का मार्ग जाता है. यह भारत का सबसे ऊंचा (5664मी.) दर्रा है. यहां से चीन को जाने वाली सड़क बनाई गई है!
 

(4) जोजिला दर्रा (jojila darra) – 

यह जम्मू कश्मीर राज्य की जास्कर श्रेणी में स्थित है, इससे श्रीनगर से लेह और कारगिल जाने का मार्ग हो जाता है!
 

(5) शिपकीला (शिपकी ला) – 

यह दर्रा हिमाचल प्रदेश को तिब्बत से जोड़ता है, यह सागर तल से 4,300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है तथा सतलज नदी के महाखंड से होकर गुजरता है. शीत ऋतु में बर्फबारी के कारण इस मार्ग पर परिवहन संभव नहीं हो पाता है! 
 

(6) रोहतांग दर्रा (rohtang darra) – 

रोहतांग दर्रा हिमाचल प्रदेश का एक प्रमुख दर्रा है, जो सागर तल से 3,978 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इस दर्रा पर सीमा सड़क संगठन द्वारा उच्च कोटि सड़क मार्ग की व्यवस्था की गई है, सैनिक वाहन, बस, टैक्सीयों तथा मालवाहक के कारण इस दर्रे पर काफी ट्रैफिक रहता है! 
 

(7) बारालाचा (बड़ालाचा) दर्रा – 

बारालाचा दर्रा हिमाचल प्रदेश को लद्दाख से जोड़ता है, यह सागर तल से लगभग 4883 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है लेह से मनाली को जाने वाला राजमार्ग इसी दर्रा से गुजरता है. शीत ऋतु में नवंबर से अप्रैल के अंत तक बर्फ के कारण आवागमन के लिए बंद रहता है! Bharat pramukh Daree
 

(8) नाथूला दर्रा (nathula darra) – 

यह सिक्किम में भारत-चीन सीमा पर स्थित है, जो सागर तल से 4,310 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यह रेशम मार्ग की एक शाखा रही है. भारत-चीन युद्ध 1962 के पश्चात वर्ष 2006 में पहली बार व्यापार तथा परिवहन के लिए खोला गया था! Bharat ke pramukh Darre
 

(9) जैलेप्ला दर्रा (jelep la darra) – 

यह सिक्किम राज्य में स्थित है. यह दर्रा सिक्किम को लद्दाख से जोड़ता है, यह सागर तल से 4,538 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसका रास्ता चम्बू घाटी से होकर गुजरता है! 
 

(10) लिपुलेख दर्रा – 

लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है, कैलाश पर्वत एवं मानसरोवर के तीर्थ यात्री इस दर्रा से होकर गुजरते हैं.Bharat ke pramukh Darre
 
(11) माना दर्रा – 
माना दर्रा उत्तराखंड में स्थित है, यह उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ता है, यह समुद्र तल से 5,611 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है यह भी शीत ऋतु में बर्फबारी के कारण परिवहन एवं आवागमन के लिए बंद रहता है! 
 

(12) नीति दर्रा – 

नीति दर्रा भी उत्तराखंड में स्थित है और यह भी उत्तराखंड और तिब्बत को जोड़ता है.
 

(13) तुजु दर्रा – 

तुजु दर्रा मणिपुर राज्य के दक्षिण-पूर्व में स्थित है इस दर्रे से इंफाल से तामू व म्यांमार जाने का मार्ग गुजरता है! 
 

(14) बोमडिला (बोम्डिला) दर्रा – 

यह अरूणाचल प्रदेश राज्य के पश्चिम भाग में स्थित एक प्रमुख दर्रा है, जो भारत को ल्हासा से जोड़ता है. यह सागर तल से 2600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है! 
 

(15) यांग्याप दर्रा – 

यांग्याप दर्रा अरुणाचल प्रदेश के उत्तर पूर्व में स्थित है, इस दर्रे के पास ब्रह्मपुत्र नदी भारत में प्रवेश करती है. यहां से चीन जाने के लिए एक मार्ग गुजरता है! Bharat ke pramukh Darre
 

(16) छांगल (चांगला) दर्रा – 

चांग ला दर्रा समुद्र तल से 5,270 मीटर से भी अधिक ऊंचाई पर स्थित महान हिमालय का यह दर्रा लद्दाख को तिब्बत से जोड़ता है. इस दर्रा के बाद सड़क अत्याधिक तीखी ढाल वाली है, जो तिब्बत के छोटे से शहर ‘तांगत्से’ तक जाती है. इसका नामकरण इस दर्रा में स्थित ”चांगला बाबा” के मंदिर के नाम पर किया गया है! 
 
 

(17) थाल घाट –

थालघाट नासिक एवं मुबंई के बीच संपर्क मार्ग है, जिसकी ऊंचाई 580 मीटर है. यह पश्चिमी घाट की श्रेणीयों में स्थित है! 
 

(18) भोर घाट –  

यह महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट के श्रेणीयों में स्थित है, जिसकी ऊंचाई 630 मीटर है. यह मुंबई एवं पुणे के बीच संपर्क मार्ग स्थापित करता है! 
 

(19) पाल घाट – 

यह केरल के मध्य-पूर्व में स्थित है, इसकी ऊंचाई 305 मीटर है. यह नीलगिरी तथा अन्नामलाई की पहाड़ीयों के मध्य स्थित है. यह कोयंबटूर एवं कोचीन के मध्य संपर्क मार्ग स्थापित करता है! 
 

(20) शेनकोटा दर्रा – 

यह दर्रा पश्चिमी घाट में स्थित है, यह दर्रा तिरुअनंतपुरम को मदुरै नगर से जोड़ता है, इसकी ऊंचाई 280 मीटर है! 
 
भारत के प्रमुख (Bharat ke pramukh Darre)दर्रे इस प्रकार थे
 

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