Computer Network In Hindi –

What is Computer Network In Hindi –

दो या दो से अधिक कंप्यूटर को जब किसी माध्यम से कनेक्ट किया जाता है तब बनने वाला ग्रुप (Computer network) कंप्यूटर नेटवर्क कहलाता है! (Computer Network) कंप्यूटर नेटवर्क, संसाधनों के सम्मिलित उपयोग हेतु आपस में जुड़े हुए कंप्यूटर का सेट होता है! 

कंप्यूटर नेटवर्क (Computer Network) में स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की सहायता से कंप्यूटर को कनेक्ट किया जाता है! कंप्यूटर के बीच शेयर होने वाली इंफॉर्मेशन का फॉर्मेट ऐसा होता है, जिसे टेलीफोन लाइन के माध्यम से शेयर नहीं किया जा सकता है! इस कारण से कंप्यूटर नेटवर्क में किसी ऐसे मीडिया का यूज किया जा सकता है जो हैवी सिग्नल के रूप में डाटा को शेयर कर सकता है! 

इस प्रकार कंप्यूटर नेटवर्क (Computer network) निम्न प्रकार के होते हैं वह सभी इंफॉर्मेशन ट्रांसफर कर सकता है, जो किसी डिवाइस या रीसोर्स को शेयर करने के लिए आवश्यकता होती है! 


Types of Computer network in hindi – 

Computer network निम्न प्रकार के होते हैं –

(1) PAN ( Personal Area Network) –

सामान्यता: 10 मीटर की दूरी के अंदर बने नेटवर्क को PAN कहा जाता है! ब्लूटूथ, USB केबल आदि द्वारा जुड़ी डिवाइस PAN का निर्माण करती है! इसका निर्माण तार सहित तथा तार रहित दोनों प्रकार की तकनीकों का प्रयोग कर किया जा सकता है! 

(2) LAN (Local Area Network) – 

LAN एक ऐसा कंप्यूटर नेटवर्क है जो किसी बिल्डिंग या निर्धारित स्थान में ही बनाया जाता है! इसका उपयोग किसी एक संगठनों से संबंधित किसी एक विभाग के द्वारा ही किया जाता है. LAN में आवश्यकतानुसार एक निश्चित संख्या में कंप्यूटर का उपयोग किए जाते हैं! इस कारण से ही इसे लोकल एरिया नेटवर्क कहा जाता है!

LAN में उपयोग में लाए जा रहे कंप्यूटर सिस्टम के डिवाइस एवं पेरीफेरल्स को अन्य सभी कंप्यूटर सिस्टम के बीच शेयर किया जा सकता है! किसी एक निर्धारित स्थान पर होने के कारण LAN में अधिकतम स्पीड पर डाटा ट्रांसफर किया जाता है यही कारण है कि सभी संस्थाएं जिनका काम किसी एक स्थान तक ही सीमित रहता है  अपना स्वयं का LAN बना सकती है! 

LAN की विशेषताएं –

(1) Local Area Network में अधिकतम इस सीट पर डाटा का ट्रांसफर किया जा सकता है! 
(2) LAN को एक निश्चित क्षेत्रफल में ही बना जा सकता है जिसकी अधिकतम सीमा 1 किमी.तक हो सकती है! 
(3) LAN में स्वयं का ही आंतरिक का माध्यम संचार के लिए उपयोग में लाया जाता है! यहां किसी बाहय मध्यम की आवश्यकता नहीं होती है! 

LAN की कमियाँ –

(1) LAN में एक निर्धारित संख्या में कंप्यूटर सिस्टम को जोड़ा जा सकता है! 
(2) LAN में किसी अन्य नेटवर्क के डाटा या माध्यम को उपयोग में नहीं लाया जा सकता हैं! 
(3) LAN को एक निर्धारित क्षेत्रफल तक ही सीमित रखा जा सकता है! 


MAN (Metro Poliitan Area Network) – 

LAN से बड़ा तथा WAN से छोटा भौगोलिक क्षेत्र में आपस में जुड़े कंप्यूटर नेटवर्क (Computer network) को MAN कहते हैं! LAN एक सीमित नेटवर्क होता है जिसे किसी एक न्याय क्षेत्र में उपयोग में लाया जाता है कंप्यूटर नेटवर्क की उपयोगिता के कारण है इससे और अति विस्तारित किया गया किसी एक शहर या उसके आसपास के क्षेत्रों तक बनाए जा सकने वाला नेटवर्क MAN कहलाता है!

 MAN के अंतर्गत किसी शहर में कार्य करने वाली संस्थाओं के को आपस में कनेक्ट किया जा सकता है! इस प्रकार एक MAN को बनाने की सबसे प्रारंभिक शर्त यह है कि MAN जोड़े जाने वाले सभी LAN एक समान टेक्नोलॉजी पर ही एक प्रकार का कार्य करते हो! 

 Computer network in hindi

MAN की विशेषताएं – 

(1) MAN एक ऐसा नेटवर्क है जिसे संपूर्ण शहर को आपस में जोड़ने के लिए बनाया जाता है! 
(2) MAN को अधिकतम 100 किमी के दायरे तक विस्तृत किया जा सकता है! 
(3) MAN में सामान्यतः टेलीफोन कंपनी द्वारा पहले से बनाई गई कनेक्शन लाइन का उपयोग किया जा सकता है! 

MAN की कमियों – 

(1) MAN में अलग-अलग टेक्नोलॉजी पर काम करने वाले नेटवर्क को आपस में कनेक्ट नहीं किया जा सकता! 
(2) MAN इंस्टॉल करने में बहुत अधिक समय एवं खर्च लगता है! 
(3) MAN से किसी एक प्रकार के कम्युनिकेशन माध्यम का ही उपयोग किया जा सकता है! 


WAN ( Wide Area Network) – 

पूरे शहर, देश या पूरी दुनिया के कंप्यूटरों के मध्य डाटा के हस्तांतरण हेतु स्थापित नेटवर्क वाइड एरिया नेटवर्क कहलाता है! इंटरनेट को इसी श्रेणी में रखा जाता है! एक विस्तृत एरिया नेटवर्क या WAN  ऐसा कंप्यूटर नेटवर्क (Computer network) होता है, जो एक विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र को कवर करता है! 

 Computer network

WAN की विशेषताएं – 

(1) WAN मैं तो अलग-अलग टेक्नोलॉजी पर कार्य करने वाले एलएन को भी आपस में जोड़ा जा सकता है! 
(2) WAN के लिए किसी प्रकार की भौगोलिक सीमा या क्षेत्र निर्धारित नहीं होता है! 
(3) WAN की सहायता से ग्लोबल नेटवर्क बनाया जा सकता है जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों भी एक साथ कार्य कर सकती है! 
(4) यदि WAN में इंटरनेट का उपयोग किया जाए, तब इसे इथरनेट के रूप में भी विकसित किया जा सकता है! 

WAN की कमियाँ –

(1) WAN को विकसित करने के लिए अलग-अलग प्रकार के नेटवर्क उपयोग में लाए जाते हैं जिसके कारण इसका क्रियान्वयन और रखरखाव अत्याधिक महंगा हो जाता है! 
(2) WAN में डाटा का ट्रांसफर अधिक सुरक्षित नहीं होता है! 
(3) WAN में डाटा का ट्रांसफर की स्पीड स्लो हो जाती है! 
(4) WAN में बनाए जाने वाले पब्लिक नेटवर्क अधिक सफल नहीं होते हैं! 

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