कंप्यूटर क्या है (Computer kya hai) –
कंप्यूटर (Computer) एक स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, जो डाटा तथा निर्देशों को इनपुट के रूप में ग्रहण करता है, निर्देशों के अनुरूप उनका विश्लेषण करता है तथा आवश्यक परिणामों को निश्चित प्रारूप में आउटपुट के रूप में निर्गत करता है! यह डाटा, निर्देश तथा परिणामों को स्टोर भी करता है, ताकि आवश्यकतानुसार उनका उपयोग किया जा सके! यह डाटा के भंडारण तथा तीव्र गति और त्रुटि रहित ढंग से विश्लेषण का कार्य करता है!
कंप्यूटर ऐसा यंत्र है जो गणितीय तथा तार्किक दोनों तरह की सूचनाओं का विश्लेषण या गणना करता है! कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी भाषा के शब्द ‘Compute’ से मानी जाती है जिसका अर्थ होता है – गणना करना! चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक माना जाता है! कंप्यूटर के अंतर्गत सामान्य उद्देश्य हेतु प्रयुक्त की जाने वाली डिवाइस डेस्कटॉप, लैपटॉप आदि है! दो या दो से अधिक कंप्यूटर को जब किसी माध्यम से कनेक्ट किया जाता है तब बनने वाला ग्रुप कंप्यूटर नेटवर्क कहलाता है!
कंप्यूटर की परिभाषा (Definition of computer in hindi) –
ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार “कंप्यूटर एक स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, जो अनेक प्रकार की तर्कपूर्ण घटनाओं के लिए प्रयोग किया जाता है!”
कंप्यूटर मशीन है जो डाटा स्वीकार करता है, उसे भंडारित करता है, दिए गए निर्देशों के अनुरूप उनका विश्लेषण करता है तथा विश्लेषक परिणामों को आवश्यकतानुसार निर्गत करता है!
कंप्यूटर का फुल फॉर्म (Full form of computer in hindi) –
COMPUTER ka full form :- Common Operating Machine Purposely used for Technological and Educational research (कॉमन ऑपरेटिंग मशीन पर्पसली यूज्ड फॉर टेक्नोलॉजिकल एंड एजुकेशनल रिसर्च) है!
कंप्यूटर का इतिहास (History of computer in hindi) –
आज के युग में कंप्यूटर का आविष्कार एक ऐतिहासिक प्रयास का परिणाम है! इसके प्रयोग की सूचना 3500 वर्ष पहले भी मिलती है! सबसे प्राचीन कंप्यूटर ‘ स्टोन हैंज’ इंग्लैंड ने बनाया था! जिसका गेराल्ड हादिन्स ने अपनी पुस्तक “स्टोन हैंज डिसकोडिड’ में वर्णन किया है, परंतु आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान के जन्मदाता चार्ल्स बैबेज प्रथम गणितज्ञ थे जिन्होंने ऐसी मशीन बनाने का विचार किया! चार्ल्स बैबेज की शिष्या और कवि बायस की बेटी लेडी एडा ने सर्वप्रथम कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया था!
चार्ल्स बैबेज के बाद 1880 के आसपास एक अमेरिकी वैज्ञानिक ‘हरमन हॉलिथ’ ने एक टेबुलेटिंग मशीन बनाई! जिसमें इलेक्ट्रॉनिक शक्ति का प्रयोग किया गया था! अपने प्रयासों की सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने टेबलेटिंग मशीन कॉर्पोरेशन नाम से कंपनी को स्थापित किया! आगे यह कंपनी कुछ और कंपनियों के साथ मिल गयी और कंप्यूटर के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी इंटरनेशनल बिजनेस मशीन (IBM) का उदय हुआ! वर्तमान पर्सनल कंप्यूटर का जनक किसे कंपनी को माना जाता है!
कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम (block diagram of computer in hindi) –

कंप्यूटर की विशेषताएं (characterist of computer in hindi) –
(1) त्रुटि रहित कार्य (Accuracy) –
कंप्यूटर की गणनाएँ लगभग त्रुटिरहित होती है! गणना के दौरान अगर कोई त्रुटि उपस्थित होती है, तो वह प्रोग्रामर या डाटा में मानवीय गलतियों कारण होती है! अगर डाटा और प्रोग्राम सही है तो कंप्यूटर हमेंशा सही परिणाम ही देता है कभी-कभी वायरस के कारण भी कंप्यूटर में त्रुटियां आ जाती है!
(2) गोपनीयता (Confidential) –
पासवर्ड के प्रयोग द्वारा कंप्यूटर के कार्य को गोपनीय बनाया जा सकता है! पासवर्ड के प्रयोग से कंप्यूटर में रखें डाटा और कार्यक्रमों को केवल पासवर्ड जाने वाला व्यक्ति ही देख या बदल सकता है!
(3) उच्च गति (High Speed) –
कंप्यूटर एक बहुत ही फास्ट उपकरण हैं! यह बहुत ही कम समय में अधिक से अधिक डाटा को प्रोसेस कर सकता है! जो कार्य मनुष्य द्वारा कुछ घंटों के दिनों में पूरा किया जाता है उसे कंप्यूटर कुछ ही सेकंड में पूरा कर देता है! कंप्यूटर की स्पीड को माइक्रोसेकंड पिको सेकंड, नैनो सेकंड में मापा जाता है!
(4) स्वचालित (Automatic) –
कंप्यूटर एक ऑटोमेटिक मशीन है जो कोई भी कार्य स्वत: कर सकता है अर्थात यूजर द्वारा एक बार किसी कार्य के लिए निर्देश देने के बाद कंप्यूटर उसे स्वयं पूरा करता है! उदाहरण – प्रिंटिंग, डाउनलोडिंग आदि!
(5) व्यापकता (Versatility) –
कंप्यूटर एक वर्सेटाइल मशीन है जो विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं का हल प्रदान कर सकता है! अलग-अलग उद्देश्यों के लिए कम्प्यूटर अलग-अलग क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है!
कंप्यूटर के प्रकार (Types of computer in hindi) –
(1) (Operation principle) सिद्धांत के अनुसार –
सिद्धांत के अनुसार कंप्यूटर तीन प्रकार के होते हैं –
(1) एनालॉग कम्प्यूटर (Analog Computer) (2) डिजिटल कम्प्यूटर (Digital Computer) (3) हाइब्रिड कम्प्यूटर (Hybrid Computer)
(2) साइज तथा प्रदर्शन के आधार पर!
साइज और प्रदर्शन के आधार पर कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं –
(1) सुपर कम्प्यूटर (Super Computer)
(2) मेनफ्रेम कम्प्यूटर (Mainframe Computer)
(3) मिनी कम्प्यूटर (Mini Computer)
(4) माइक्रो कम्प्यूटर (Micro Computer)
(3) उपयोग के आधार पर –
उपयोग के आधार पर कंप्यूटर दो प्रकार के होते हैं –
(1) जनरल पर्पज कम्प्यूटर (General Purpose Computer) (2) स्पेशल पर्पज कम्प्यूटर (Special Purpose computer
कंप्यूटर के उपयोग या अनुप्रयोग (uses and advantage of computer in hindi –
(1) डाटा प्रोसेसिंग (Data processing) –
बड़े और विशाल सांख्यिकी डाटा से सूचना तैयार करने में कंप्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है! जनगणना, सांख्यिकी विश्लेषण, परीक्षाओं के परिणाम आदि में कंप्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है!
(2) सूचनाओं का आदान प्रदान(Exchange of information) –
भंडारण के विभिन्न पद्धतियों के विकास व कम स्थान गिरने के कारण यह सूचनाओं के आदान-प्रदान के बेहतर माध्यम साबित हो रहे हैं इंटरनेट के विकास में स्वास्थ्य सूचना का राजमार्ग ही बना दिया है!
(3) चिकित्सा (Medicine) –
शरीर के अंदर के रोगों का पता लगाने, उनका विश्लेषण और उनके निदान में कंप्यूटर का विस्तृत प्रयोग किया जा रहा है! सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एक्स-र तथा विभिन्न जांच में कंप्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है!
(4) अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (Space technology) –
कंप्यूटर की तीव्र गणना करने की क्षमता के कारण ही ग्रहों, उपग्रहों और अंतरिक्ष की घटनाओं का सूक्ष्म अध्ययन किया जा सकता है! कृत्रिम उपग्रहों में भी कंप्यूटर का विशेष प्रयोग हो रहा है!
(5) प्रशासन (Administration) –
प्रशासन में पारदर्शिता लाने सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचाने तथा विभिन्न प्रशासनिक तंत्र में बेहतर तालमेल के लिए ई प्रशासन (E governance) का उपयोग कंप्यूटर की सहायता से ही संभव हो पाया है!
(6) मनोरंजन (Entertainment) –
सिनेमा, टेलीविजन के कार्यक्रम, वीडियो गेम में कंप्यूटर का उपयोग कर प्रभावी मनोरंजन प्रस्तुत किया जा रहा है! मल्टीमीडिया के प्रयोग ने कंप्यूटर को मनोरंजन का उत्तम साधन बना दिया है!
कंप्यूटर की सीमाएँ (Limitations of computer in hindi) –
(1) No IQ –
IQ का अर्थ Intelligence Quotient ( बुद्धि का मापक) होता है! कंप्यूटर में कोई भी समझ नहीं होती इसलिए वह कोई भी कार्य करने के लिए स्वयं निर्णय नहीं ले सकतासकता!
(2) निर्भरता (Dependency) –
कंप्यूटर प्रत्येक कार्य के लिए यूजर पर निर्भर होता है! यूजर के बिना निर्देश दिए कंप्यूटर कोई कार्य नहीं कर सकता!
(3) वातावरण (Environment) –
कंप्यूटर को ठीक प्रकार से कार्य करने के लिए नमी रहित तथा धूल रहित वातावरण की आवश्यकता होती है, नहीं तो कंप्यूटर खराब हो जाता है!
(4) भावनाओं का अभाव (No Feeling) –
कंप्यूटर में कोई फीलिंग नहीं होती अतः यह अनुभव, टेस्ट या ज्ञान के आधार पर निर्णय नहीं लेता है!
जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (generation of computer in hindi) –
द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात कंप्यूटर का विकास तेजी से हुआ! कंप्यूटर के क्रमिक विकास को अलग अलग 5 चरणों में बांटा गया है, जिसे कंप्यूटर की पीढ़ियां या जनरेशन ऑफ कंप्यूटर कहा गया है!
जिस तरह मानव की विभिन्न पीढ़ियों में सोच, फैशन और सभ्यता का विकास हुआ है उसी तरह कंप्यूटर के विभिन्न पीढ़ियों में अलग-अलग मुख्य पुर्जों, तकनीक का विकास हुआ है! विभिन्न जटिल समस्याओं के समाधान को नए अविष्कार सुगम कर दिया तथा नए कंप्यूटर सस्ते बने लगे! कंप्यूटर का क्रमिक विकास 5 पीढ़ियों में बांटा गया है, जो इस प्रकार हैं –
(1) फर्स्ट जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (First Generation of computer)
(2) सेकंड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (Second Generation of computer)
(3) थर्ड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (Third Generation of computer)
(4) फोर्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (Fourth Generation of computer)
(5) फिफ्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर (Fifth Generation of computer)
कंप्यूटर से संबंधित प्रश्न उत्तर
प्रश्न :- कंप्यूटर की कितनी पीढ़ियां होती है
उत्तर :-कंप्यूटर की पांच पीढ़ियां होती है!
प्रश्न :- कंप्यूटर का आविष्कार कब हुआ था और किसने किया था
उत्तर :- कंप्यूटर का आविष्कार चार्ल्स बैबेज ने किया था!
प्रश्न :- फादर ऑफ कंप्यूटर किसे कहते हैं?
उत्तर :- फादर ऑफ कंप्यूटर चार्ल्स बैबेज को कहते हैं
प्रश्न :- कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं बताइए
उत्तर :- कंप्यूटर को हिंदी में संगणक कहते हैं, जिसका अर्थ होता है गणना करने वाला
प्रश्न :- कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है हिंदी में
उत्तर :- COMPUTER ka full form: Common Operating Machine Purposely used for Technological and Educational research (कॉमन ऑपरेटिंग मशीन पर्पसली यूज्ड फॉर टेक्नोलॉजिकल एंड एजुकेशनल रिसर्च) है!
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कंप्यूटर के बारे बेहतरीन जानकारी दी गई हैं जिसको को पढ़ने के बाद कंप्यूटर के बारे अच्दे से जाकनारी को प्राप्त किया जा सकता हैं। धन्यवाद
बहुत बहुत आभार