ऑप्टिकल फाइबर क्या है? ऑप्टिकल फाइबर का सिद्धांत,प्रकार, कार्यविधि, बनावट (optical fiber in hindi)

ऑप्टिकल फाइबर क्या है (What is optical fiber in hindi) –

Table of Contents show

प्रकाश सरल रेखा में गमन करता है, लेकिन पूर्ण आंतरिक परावर्तन का उपयोग करके प्रकाश को एक वक्रीय मार्ग में चलाया जा सकता है! प्रकाशीय तंतु (optical fiber) पूर्ण आंतरिक परावर्तन सिद्धांत पर आधारित एक ऐसी युक्ति है, जिसके द्वारा प्रकाश सिग्नल को, इसकी तीव्रता में बिना क्षय के एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानांतरित किया जा सकता है; चाहे मार्ग कितना भी टेढ़ा मेढ़ा क्यों ना हो! 

ऑप्टिकल फाइबर का सिद्धांत (principle of optical fiber in hindi) –

प्रकाशीय तंतु पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करता है! इस सिद्धांत के अनुसार जब कोई प्रकाश किरण संघन माध्यम से विरल माध्यम में गमन करती है और संघन माध्यम में आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण के मान से अधिक होता है तो प्रकाश किरण विरल माध्यम में जाने के बजाय संघन माध्यम में ही परिवर्तित हो जाती है

ऑप्टिकल फाइबर की कार्यविधि (Working of Optical Fiber in hindi) –

क्रोड का व्यास बहुत ही कम होता है! अतः इसके अंदर प्रवेश करने वाली प्रकाश किरणों के लिए आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण के मान से अधिक होता है जिससे प्रकाशीय तंतु के अंदर इनके किरणों का बार-बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है! अंत में सभी किरणें प्रकाशीय तंतु के दूसरे सिरे से उसी तीव्रता के साथ बाहर निकल जाती है!

ऑप्टिकल फाइबर की बनावट (Structure of optical fiber in hindi) –

Optical fiber ऑप्टिकल फाइबर प्रकाशीय तंतु

ऑप्टिकल फाइबर या प्रकाशीय तंतु के 3 मुख्य भाग होते हैं – क्रोड, क्लैडिंग और सुरक्षात्मक जैकेट

(1) क्रोड –

ऑप्टिकल फाइबर के केंद्रीय भाग को क्रोड कहते हैं! यह उच्च क्वालिटी के कांच, सिलिका अथवा प्लास्टिक का बना होता है जिनका व्यास 5μm से 100μm होता है

(2) क्लैडिंग –

क्रोड के ऊपर कांच या प्लास्टिक की एक परत चढ़ी होती है जिसे क्लैडिंग कहते हैं! क्लैडिंग के पदार्थ का अपवर्तनांक क्रोड के पदार्थ के अपवर्तनांक से कुछ कम होता है क्लैडिंग का व्यास 100μm से 400μm होता है!

(3) सुरक्षात्मक जैकेट –

सबसे बाहरी परत को सुरक्षात्मक जैकेट कहते हैं! यह विद्युतरोधी पदार्थ का बना होता है जो प्रकाशित तंतु को सुरक्षा प्रदान करता है! प्रकाशित तंतु सीधा या टेढ़ा मेढ़ा हो सकता है!

ऑप्टिकल फाइबर के प्रकार (types of optical fiber in hindi) –

ऑप्टिकल फाइबर तीन प्रकार के होते हैं-

सिंगल मोड ऑफ ऑप्टिकल-

इस प्रकार के ऑप्टिकल फाइबर में क्रोड अत्यंत ही संकीर्ण होता है! इसका व्यास लगभग 5 μm से 10 μm तक तथा अपवर्तनांक 1.5 होता है! क्लैडिंग का व्यास लगभग 125 μm तथा अपवर्तनांक 1.48 होता है!

इसमें से गुजरने वाली विभिन्न तरंगदैध्य की प्रकाश किरणे या तो सरल रेखा में चलती है अथवा उनका केवल एक ही बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है! अंतः ऑप्टिकल फाइबर से निर्गत प्रकाश की तीव्रता लगभग का अपरिवर्तित रहती है!

इस प्रकाशीय तंतु में प्रकाश का विक्षेपण न्यूनतम होता है तथा सूचना संप्रेषण की बैंण्ड-चौड़ाई अधिकतम होती है! इसका सबसे बड़ा दोष यह है कि द्वारक छोटा होने के कारण इसे अंदर जाने वाले प्रकाश और बाहर जाने वाले प्रकाश से युग्मन कठिन होता है

मल्टीपल ऑप्टिकल फाइबर –

इसकी बनावट भी सिंगल ऑप्टिकल फाइबर के समान होती है! अंतर केवल इतना है कि करोड का व्यास लगभग 50 μm से 100 μm तक तथा क्लेडिंग का व्यास 100μm से 250μm तक होता है!

इसमें क्लैडिंग की मोटाई सिंगल ऑप्टिकल फाइबर की तुलना में कम होता है!

परिवर्ती अपवर्तनांक सुविधा प्रकाशीय तंतु (graded index multimode fibre) –

इस प्रकार के ऑप्टिकल फाइबर मैं क्रोड और क्लैडिंग के बीच को स्पष्ट सीमा नहीं होती! इसमें अपवर्तनांक का का मान केंद्र (μ=1.5) से लेकर क्लैडिंग की भारी सतह (μ=1.48) तक धीरे-धीरे घटते जाता है! इस प्रकार अपवर्तनांक का मान केंद्र पर अधिकतम तथा भारी सतह पर न्यूनतम होता है!

ऑप्टिकल फाइबर के लाभ (uses of optical fiber in hindi) –

(1) विद्युत सिग्नल को प्रकाश सिग्नल में बदलकर प्रेषित करने में तथा अभिग्रहण करने में!

(2) ऑप्टिकल फाइबर केबल लंबी दूरी के अनुप्रयोग के साथ-साथ कम दूरी के अनुप्रयोगों के लिए भी प्रयोग की जा सकती है!

(3) अति उच्च क्षमता वाली फाइबर का उपयोग प्रयोगशाला में किया जाता है!

(4) ऑप्टिकल फाइबर केवल परंपरागत तारों की अपेक्षा 25 गुना हल्की और 10 गुना कम आकार की होती है!

(5) इसमें संचार लगभग त्रुटि रहित होता है!

(6) इसमें ऊर्जा का उपभोग बेहद कम होता है!

ऑप्टिकल फाइबर कलर कोड (optical fiber color code chart) –

ऑप्टिकल फाइबर कलर कोड optical fiber color code

ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क क्या है (What is optical fiber network in hindi) –

ऑप्टिकल नेटवर्क एक प्रकार का डेटा संचार नेटवर्क है जिसे ऑप्टिकल फाइबर प्रौद्योगिकी के साथ बनाया गया है। यह डेटा को परिवर्तित करने के लिए प्राथमिक संचार माध्यम के रूप में ऑप्टिकल फाइबर केबल्स का उपयोग करता है और डेटा को प्रेषक और रिसीवर नोड्स के बीच प्रकाश पुंज के रूप में पास करता है!

ऑप्टिकल नेटवर्क सबसे तेज संचार नेटवर्क में से एक है। यह एक नेटवर्क नोड से प्राप्त विद्युत सिग्नल को प्रकाश पुंज में परिवर्तित करने के लिए एक ऑप्टिकल ट्रांसमीटर डिवाइस का उपयोग करता है, जिसे बाद में एक प्राप्त डिवाइस में परिवहन के लिए फाइबर ऑप्टिक केबल पर रखा जाता है।

प्रश्न :- ऑप्टिकल फाइबर किस सिद्धांत पर काम करता है?

उत्तर :- ऑप्टिकल फाइबर पूर्ण आंतरिक परावर्तन सिद्धांत पर काम करता है! ऑप्टिकल फाइबर (optical fiber) पूर्ण आंतरिक परावर्तन सिद्धांत पर आधारित एक ऐसी युक्ति है, जिसके द्वारा प्रकाश सिग्नल को, इसकी तीव्रता में बिना क्षय के एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानांतरित किया जा सकता है;

प्रश्न :- ऑप्टिकल फाइबर का आविष्कार किसने किया

उत्तर :- ऑप्टिकल फाइबर का आविष्कार नरिंदर सिंह कपानी ने किया है! यह भारतीय मूल के अमेरिकी भौतिकी वैज्ञानिक थे!

प्रश्न :- ऑप्टिकल फाइबर का प्रयोग कहाँ होता है

उत्तर :- ऑप्टिकल फाइबर का प्रयोग तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में किया जाता है, इसके अलावा ऑप्टिकल फाइबर का प्रयोग टेलीकॉम क्षेत्र, रक्षा क्षेत्र, चिकित्सा क्षेत्र एवं केबल टीवी आदि में किया जाता हैं!

Leave a Comment

error: Content is protected !!