Pramukh Vigyaan Purskar विज्ञान के क्षेत्र में दिए जाने वाले प्रमुख पुरस्कार

 

(pramukh vigyaan purskar)

 

 

प्रमुख विज्ञान पुरस्कार (pramukh vigyaan purskar) –

विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने हेतु, प्रतिवर्ष अनेक वैज्ञानिकों को पुरस्कृत किया जाता है इसमें से कुछ प्रतिष्ठित पुरस्कार (Pramukh Vigyaan Purskar) इस प्रकार है!
 

(1) कलिंग पुरस्कार (Kalinga Award in hindi)-

कलिंग पुरस्कार एक व्यक्ति या व्यक्तियों को यूनेस्को द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाता है ,जिन्होने सामान्य जनता के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व्याख्या में उत्कृष्ट योगदान दिया हो!
 
ओडिशा के भूतपूर्व CM बिजयानंद पटनायक द्वारा भारत के कलिंग फाउंडेशन ट्रस्ट की स्थापना की गई! पटनायक जी के द्वारा एक बड़ी राशि यूनेस्को को वर्ष 1951 में अनुदान में दी गई, जिससे इस पुरस्कार की स्थापना की गई! यह पुरस्कार दो वर्ष के अंतराल पर दिया जाता है और विश्व विज्ञान दिवस पर 10 नवंबर को प्रदान किया जाता है! 
 
फ्रांस के लुईस ब्रोगिले को वर्ष 1952 में प्रथम कलिंग पुरस्कार प्रदान किया गया थे! भारत में जगजीत सिंह (1963), नरेंद्र के सहगल (1991), जयंत नालीकर (1996),डी.बालासुब्रमण्ययन (1997), प्रोफ़ेसर यशपाल (2009),आदि को मिल चुका है! विजेता को $10,000 पौंड और यूनेस्को का अल्बर्ट आइनस्टीन रजत पदक प्रदान किया जाता है! अब पुरस्कार विजेता को रुचि रामसाहनी कुर्सी (चेयर )भी प्रदान की जाती है! 
 

(2) बोरलॉग पुरस्कार (Borlaug Prize in hindi)-

यह पुरस्कार उर्वरक कंपनी कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा भारतीय वैज्ञानिकों को कृषि एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध के लिए प्रदान किया जाता है! बोरलॉग पुरस्कार के तहत 5 लाख की नगद राशि,प्रशस्ति पत्र  एवं  स्वर्ण पदक प्रदान किए जाते हैं.

बोरलॉग पुरस्कार वर्ष 1972 से नॉर्मन बोरलॉग के सम्मान में दिया जाता है! वर्ष 1970 में नॉर्मन बोरलॉग को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया, उनको हरित क्रांति का जनक माना जाता है!  

प्रथम बोरलॉग पुरस्कार प्राप्त करने वाली भारतीय महिला अतिथि मुखर्जी है, जिनको फील्ड वर्क एवं एप्लिकेशन के लिए यह पुरस्कार दिया गया है! (Pramukh Vigyaan Purskar)

 

(3) ओम प्रकाश भसीन पुरस्कार (Om Prakash Bhasin Award in hindi)- 

ओम प्रकाश भसीन फाउंडेशन द्वारा 1985 में यह पुरस्कार विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया जाता है! इसके तहत पुरस्कार स्वरूप एक प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये की नगद राशि प्रदान की जाती है! 
 

(4) विश्व खाद्य पुरस्कार (world food award in hindi) – 

विश्व खाद्य पुरस्कार फाउंडेशन द्वारा प्रतिवर्ष यह पुरस्कार कृषि क्षेत्र में विशिष्ट शोध के लिए प्रदान किया जाता है! वर्ष 1987 से इस पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है! प्रथम पुरस्कार भारत के सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉक्टर एम. एस. स्वामीनाथन को हरित क्रांति में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए किया गया था!
 
शांति पुरस्कार विजेता ने इस पुरस्कार की शुरुआत की थी! इसे कृषि का नोबेल पुरस्कार कहा जाता है! इसके अंतर्गत 2,50,000 अमेरिकी डॉलर की राशि प्रदान की जाती है! डॉ.गुरुदेव सिंह खुश (1996), डॉ.रतनलाल (2020) का पुरस्कार मिल चुका है! 
 

(5) ब्रेकथ्रू पुरस्कार (breakthrough award in hindi)- 

यह पुरस्कार ब्रेकथ्रू पुरस्कार बोर्ड द्वारा तीन श्रेणियों गणित (प्रत्येक 4 वर्ष में), भौतिकी (प्रतिवर्ष) और लाइफ साइंस (प्रतिवर्ष) में दिया जाता है! यह 2009 से प्रारंभ हुआ था इसकी शुरुआत संगेई ब्रिन और मार्क जुकरबर्ग सहित कुछ अन्य लोगों द्वारा की गई थी!
ब्रेकथ्रू पुरस्कार के अंतर्गत 3  मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि पुरस्कार विजेता को प्रदान की जाती है!इस पुरस्कार को ऑस्कर ऑफ साइंस के नाम से जाना जाता है! (Pramukh Vigyaan Purskar)
 

(6) जी. डी. बिड़ला पुरस्कार (G. D. Birla Award in hindi) – 

के के  बिरला फाउंडेशन द्वारा वर्ष 1991 से यह पुरस्कार विज्ञान के क्षेत्र में शोध के लिए 50 वर्ष से कम उम्र के भारतीय वैज्ञानिकों को दिया जाता है! इसके तहत 2,50,000 लाख ₹ की नगद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है! (Pramukh Vigyaan Purskar)
 

(8) शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार (Shanti Swarup Bhatnagar Award in hindi)  –

यह पुरस्कार वार्षिक रूप से वैज्ञानिक तथा औद्योगिक परिषद द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने हेतु किया जाता है! यह पुरस्कार जीव विज्ञान, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा, गणित, अभियांत्रिकी, पृथ्वी, पर्यावरण, महासागर एवं ग्रह विज्ञान आदि के क्षेत्र में दिया जाता है! (Pramukh Vigyaan Purskar)
 
शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार की स्थापना CSIR के संस्थापक डॉ भटनागर के सम्मान में वर्ष 1957 में की गई थी! यह पुरस्कार 45 वर्ष तक के भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोगों को, जो भारत में कार्यरत हैं ( विज्ञान के क्षेत्र में), प्रदान किया जाता है! 
 
प्राप्तकर्ता के नाम 26 सितंबर (CSIR स्थापना दिवस) को सार्वजनिक किए जाते हैं! पुरस्कार में ₹5,00,000 की राशि दी जाती है! (Pramukh Vigyaan Purskar)
 
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