मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्वत (Madhya Pradesh ke pramukh Parvat)

    मध्यप्रदेश के पर्वत (mountain range in madhya pradesh in hindi)  – मध्यप्रदेश में मुख्यता दो पर्वत श्रृंखलाएं पाई जाती है,सतपुड़ा और विंध्याचल पर्वत श्रृंखला! अमरकंटक को सतपुड़ा पर्वत …

Read more

भूगर्भशास्त्र (Geology) की परिभाषा,महत्व, शाखाएँ

  भूविज्ञान (भूगर्भशास्त्र Geology in hindi ) – पृथ्वी से संबंधित ज्ञान ही भूविज्ञान (geology) कहलाता है! इसे भूगर्भशास्त्र भी कहते हैं! भूविज्ञान विज्ञान की वह शाखा है जिसमें ठोस …

Read more

भारतीय संविधान की अनुसूचियां (Bhartiya Samvidhan Anusuchiya)

Bhartiya Samvidhan Anusuchiya

संविधान की अनुसूचियां (Schedules of the Constitution Ya Bhartiya Samvidhan Anusuchiya) –

भारतीय संविधान निर्माण के समय संविधान में 8 अनुसूचियां थी, परंतु बाद में कुछ और अनुसूचियों को जोडा गया,वर्तमान में 12 अनुसूचियां हैं  भारतीय संविधान की अनुसूचियाॅं (Bhartiya Samvidhan Anusuchiya) इस प्रकार है-

प्रथम अनुसूची –

संबंद्भ अनुच्छेद – 1,4

प्रथम अनुसूची में भारतीय संघ के घटक 28 राज्य एवं 8 केन्द्र प्रशासित क्षेत्रों का उल्लेख है!

दूसरी अनुसूची –

संबंद्भ अनुच्छेद –  59,65,75,97,125,148,158,164,186,221

 
इस अनुसूची में भारतीय राजव्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारियों जैसे – भारत के राष्ट्रपति, राज्यों के राज्यपाल, लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, राज्यसभा के सभापति और उपसभापति, राज्य विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, राज्य विधान परिषद के सभापति और उपसभापति, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक आदि के वेतन, भत्ते, विशेषाधिकार से संबंधित प्रावधान है! 

तीसरी अनुसूची –

संबंद्भ अनुच्छेद – 75,,84,99,124,146,173,188,219

इस अनुसूची में विभिन्न पदाधिकारियों जैसे संघ के मंत्री, संसद के लिए निर्वाचित किए गए अभ्यर्थी, संसद सदस्य, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक,राज्य विधानसभा के लिए निर्वाचित किए गए अभ्यर्थी, राज्य मंत्री, राज्य विधान मंडल के सदस्य, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आदि द्वारा ली जाने वाली शपथ या प्रतिज्ञान का उल्लेख किया गया है! (Bhartiya Samvidhan Anusuchiya)

चौथी अनुसूची –

संबंद्भ अनुच्छेद – 4, 80.
चतुर्थ अनुसूची में विभिन्न राज्यों तथा केंद्र प्रशासित क्षेत्रों का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का विवरण दिया गया है! 

पांचवी अनुसूची –

संबंद्भ अनुच्छेद – 244.

इस अनुसूची में विभिन्न अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उल्लेख किया गया है! 

Read more

प्रधानमंत्री,प्रधानमंत्री के कार्य व शक्तियां लिखिए(Pradhanmantri Shaktiyan aur karya Likhayiye )

Pradhanmantri Shaktiyan

प्रधानमंत्री (Pradhanmantri Or Prime Minister in hindi) –

भारत में संसदीय व्यवस्था को अपनाया गया है जिसमें राष्ट्रपति केवल नाममात्र का कार्यकारी प्रमुख होता है तथा वास्तविक कार्यकारी शक्तियां प्रधानमंत्री में निहित होती है (Pradhanmantri Shaktiyan)
अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति पोस्ट के कार्यों के संपादन और सलाह देने हेतु एक मंत्रिपरिषद होती है इसका प्रधान प्रधानमंत्री होता है! 

प्रधानमंत्री की नियुक्ति (Pradhanmantri ki niyukti ) –

संविधान में प्रधानमंत्री का निर्वाचन और नियुक्ति के लिए कोई विशेष प्रक्रिया नहीं दी गई है! अनुच्छेद 75 केवल इतना कहता है कि राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति करेगा हालांकि इसका अभिप्राय नहीं है, कि राष्ट्रपति किसी व्यक्ति को प्रधानमंत्री नियुक्त करने हेतु स्वतंत्र है
 
सरकार की संसदीय व्यवस्था के अनुसार राष्ट्रपति लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करता है परंतु, यदि लोकसभा में कोई भी दल स्पष्ट बहुमत में न हो तो राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति अपने व्यक्तिक स्वतंत्र का प्रयोग कर सकता है ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति सामान्यतः सबसे बड़े दल अथवा गठबंधन के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करता है और उसे 1 माह के भीतर सदन में विश्वास मत हासिल करने के लिए कहता है! 

प्रधानमंत्री के कार्य व शक्तियां (Pradhanmantri shaktiyan avam karya  ) –

(A) मंत्री परिषद के संबंध में (Pradhanmantri Shaktiyan Mantriparisad Ke Samband me) –

(1) वह मंत्रियों को विभिन्न मंत्रालय आवंटित करता है और उनमें फेरबदल करता है! 
 
(2) वह मंत्री नियुक्त करने हेतु अपने दल के व्यक्तियों की राष्ट्रपति से सिफारिश करता है, राष्ट्रपति केवल उन्हीं व्यक्तियों को मंत्री नियुक्त कर सकता है जिनकी सिफारिश प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है!
 
(3) वह किसी मंत्री को त्यागपत्र देने अथवा राष्ट्रपति को उसे बर्खास्त करने की सलाह दे सकता है! 
 
(4) वह सभी मंत्रियों की गतिविधियों को नियंत्रित, निर्देशित करता है और उनमें समन्वय रखता है
 
(5) वह मंत्रिपरिषद की बैठकों की अध्यक्षता करता है तथा उनके निर्णय को प्रभावित करता है
 
(6) वह पद से त्यागपत्र देकर मंत्रिमंडल को बर्खास्त कर सकता है
 
चूंकि प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है, अतः प्रधानमंत्री त्यागपत्र देता है अथवा की मृत्यु हो जाती है तो अन्य मंत्री कोई भी कार्य नहीं कर सकते अर्थात मंत्रिपरिषद स्वयं ही घटित हो जाती है और एक शून्यता उत्पन्न ना हो जाती है! (Pradhanmantri Shaktiyan)

Read more

error: Content is protected !!