सहिष्णुता (Tolerance) क्या है? इसके लाभ

सहिष्णुता (Tolerance in hindi) –

अपने से सर्वदा विभिन्न मतों व्यवहार एवं सिद्धांतों को भी दे रहे के साथ सहन करने की योग्यता को ही सहिष्णुता कहते हैं! सहिष्णुता (Tolerance) का शाब्दिक अर्थ है – सहन करना! यह दृष्टि से सहिष्णुता का अर्थ है जिन व्यक्तियों की आदतें, विचार, धर्म, राष्ट्रीयता, मत, व्यवहार आदि से भिन्नता रखता है या विरोध रखता है उनके प्रति भी एक वस्तुनिष्ठ, न्यायोचित, सम्मानपूर्ण मनोवृत्ति बनाए रखना तथा किसी भी प्रकार की आक्रामकता से बचना! 

नकारात्मक अर्थ में सहिष्णुता का तात्पर्य केवल विरोधियों को सहन करने की क्षमता से है! वर्तमान में इसका सकारात्मक अर्थो में प्रयोग होता है! जिसका आशय है कि अपने विरोधियों के विचार का सम्मान करना, उन्हें सुनने-समझने की ताकत रखना और यदि उनका पक्ष तार्किक या सही हो तो उसे स्वीकार करना! 

वर्तमान में सहिष्णुता की आवश्यकता केवल विभिन्न धर्मों के प्रति नहीं बल्कि विभिन्न जातियों, महिलाओं, वृद्वों, बच्चों, दिव्यांगों, किन्नरों, एलजीबीटी समुदाय, शरणार्थी एवं विदेशियों के प्रति भी है! 

सहिष्णुता के लाभ (Benefits of Tolerance in hindi) –

(1) कई बार दूसरों को सुनने के धैर्य की वजह से नए तथा मौलिक विचार प्राप्त होते हैं, जो व्यक्ति तथा समाज की दिशा बदल सकते हैं!

(2) विरोधी विचारों को सुनने की ताकत हो तो समाज और राजनीति दोनों लोकतांत्रिक बनते हैं! 

(3) बीसवीं शताब्दी में आतंकवाद व जेनोसाइड की घटनाएं घटी है उतनी इससे पहले कभी नहीं घटी ऐसे में सहिष्णुता के अलावा कोई विकल्प नहीं है! 

(4) भूमंडलीकरण के साथ-साथ समाज की विविधता में वृद्धि हो रही है इसलिए विश्व में शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के लिए सहिष्णुता जरूरी है

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