रूढ़िवादिता (Stereotypes) क्या है इसकी विशेषताएं

रूढ़िवादिता (Stereotypes in hindi)-

रूढ़िवादिता (Stereotypes) शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम वाल्टर लिपमैन अपनी पुस्तक पब्लिक ऑपिनियन में 1922 में एक सामान्य अर्थ में किया था! रुढियुक्तियां पूर्वकल्पित विचार होती हैं जो विभिन्न समूह के बारे में बने रहते हैं! 

किसी समूह के सभी सदस्यों को उनके विशिष्ट गुणों एवं विशेषताओं होने के बावजूद सामान्य ढंग से प्रत्यक्षीकृत किया जाता है! रुढियुक्ति में किसी समूह के सदस्यों के बारे में एक स्थूल सामान्यीकरण किया जाता है, जिसमें व्यक्तिक विभिन्नता पर बिल्कुल ही ध्यान नहीं दिया जाता हैं तथा साथ ही साथ इस ढंग का सामान्यीकरण नयी सूचनाओं को दिए जाने पर भी परिवर्तित नहीं होता है! रूढियों का उपयोग अक्सर स्वचालित ढंग से होता है! 

रुढियुक्तियां या रूढ़िवादिता की विशेषताएं (characteristics of stereotypes in hindi)- 

रुढियुक्तियां या रूढ़िवादिता की विशेषताएं निम्न हैं –

(1) रूढ़िवादिता एक मानसिक प्रतिमा है! 

(2) रूढ़िवादिता में एक पूर्णरूपेण सम्मत विश्वास होता है!

(3) रूढ़िवादिता में स्थूल एवं अतिरंजित सामान्यीकरण होता है! 

(4) रूढ़िवादिता सकारात्मक या नकारात्मक कुछ भी हो सकती है! 

(5) रूढ़िवादिता विश्वास को एक समूह होता है जिसके आधार पर हम एक निश्चित वर्ग में विभाजित होते हैं! 

(6) रूढ़िवादिता में सामान्यता परिवर्तन नहीं होता है! 

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