विशेष आर्थिक परिक्षेत्र (Special Economic Zone) क्या है इसकी स्थापना के उद्देश्य

विशेष आर्थिक परिक्षेत्र (Special Economic Zone in hindi)-

विशेष आर्थिक क्षेत्र (Special Economic Zone) उस विशेष रूप से परिभाषित भौगोलिक क्षेत्र को कहते हैं, जहां से व्यापार, आर्थिक क्रियाकलाप, उत्पादन तथा अन्य व्यवसायिक गतिविधियों को किया जाता है! यह क्षेत्र देश की सीमा के भीतर विशेष नियम कायदों को ध्यान में रखकर व्यवसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित किए जाते हैं!

 सरकार ने एक महत्वपूर्ण अधिनियम 2005 में पारित किया! ताकि निवेशकों में विश्वास पैदा किया जा सके और सरकार की स्थाई एसईजेड व्यवस्था के प्रति वचनबद्ध का संकेत दिया जा सके!

 इसके अलावा इसका उद्देश्य विशेष आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता दिखाना था, ताकि बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों और विशेष आर्थिक क्षेत्र की स्थापना के जरिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सके! इसके लिए हितधारकों के साथ विस्तृत विचार विमर्श के बाद विशेष आर्थिक क्षेत्र विधेयक का व्यापक प्रारुप तैयार किया गया! 

विशेष आर्थिक क्षेत्र की स्थापना के उद्देश्य (Objectives of setting up a special economic zone in hindi) – 

(1) अतिरिक्त आर्थिक गतिविधियों का संचालन करना! 

(2) वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को प्रोत्साहन देना! 

(3) स्वदेशी और विदेशी स्रोतों से निवेश को प्रोत्साहन देना! 

(4) रोजगार के अवसरों का सृजन करना!

 (5) आधारभूत सुविधाओं का विकास करना! 

उम्मीद है कि इससे एसईजेड और आधारभूत ढांचे में बड़े पैमाने पर विदेशी और स्वदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी जिसके परिणामस्वरूप अतिरिक्त आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे! साथ ही यह एक बड़ी कुशल कार्यबल के उच्च बुनियादी ढांचे और उपलब्धता के अलावा कंपनियों और डेवलपर्स को आकर्षक प्रोत्साहन और लाभ प्रदान करता है! 

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