सेबी (SEBI) क्या है? इसके कार्य लिखिए

सेबी क्या है (SEBI in hindi)- 

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी /SEBI) की स्थापना एक गैर सांविधिक संस्था के रूप में 12 अप्रैल 1988 को की गई थी! इसकी स्थापना प्रमुख उद्देश्य देश के पूंजी बाजार में व्याप्त अनियमितताओं को दूर करते हुए स्कंध विनिमय केंद्रों का विकास करना था! 

31 मार्च 1992 का अध्यादेश जारी करके सेबी को पूर्ण अधिकार प्राप्त संवैधानिक निकाय बना दिया गया! परिणामस्वरूप 4 अप्रैल 1992 से सेबी का कार्य पृथक कानून के अंतर्गत संचालित होने लगा तथा इसका कार्य क्षेत्र बढ़ाते हुए इसके अधिकार को भी बढ़ा दिया! 

सेबी का प्रबंधन 6 सदस्यों की देखरेख में होता है! इसमें अध्यक्ष केंद्रीय सरकार द्वारा नामित होता है तथा दो सदस्य केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारी नामित किए जाते हैं जिन्हें वित्त और कानून की जानकारी हो, एक सदस्य आरबीआई ऐसे अधिकारियों में से नामित किए जाते हैं, तथा दो सदस्य का नामांकन केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है! 

सेबी का मुख्यालय मुंबई में बांद्रा कुर्ला परिसर के व्यवसायिक जिले में है और इसके अलावा नई दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में क्षेत्रीय कार्यालय है! 

सेबी का फुल फाॅर्म (SEBI full form in hindi) –

Security and Exchange Board of India ( भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) 

सेबी के कार्य (Works of SEBI in hindi)- 

सेबी के प्रमुख कार्य इस प्रकार है –

(1) प्रतिभूति बाजार में निवेशकों के हितों की रक्षा करना तथा प्रतिभूति बाजार को उचित उपायों के माध्यम से विकसित एवं विनियमित करना! 

(2) स्वशासित संगठनों को प्रोत्साहित करना और उनका नियमन करना! 

(3) प्रतिभूति बाजार से जुड़े लोगों को प्रशिक्षित करना एवं निवेशकों को शिक्षित करना!

(4) म्यूचुअल फण्ड की सामूहिक निवेश योजनाओं को पंजीकृत करना तथा उनका नियमन करना! 

(5) प्रतिभूतियों के बाजार से संबंधित अनुचित व्यापार व्यवहारों को समाप्त करना! 

(6) प्रतिभूति के आंतरिक व्यापार पर रोक लगाना! 

(7) म्यूचुअल फण्ड सहित अन्य सामूहिक निवेश योजनाओं को पंजीकृत करना तथा उनका नियमन करना! 

इन्है भी पढें –

मानव विकास सूचकांक क्या है? इसके मापदंड

वैश्वीकरण क्या है? इसके लाभ -हानि, प्रभाव, कदम

Leave a Comment

error: Content is protected !!