पूर्वाग्रह (Prejudice) क्या है विशेषताएं एवं नियंत्रण

पूर्वाग्रह (Prejudice) –

पूर्वाग्रह (Prejudice) से तात्पर्य व्यक्ति के किसी वस्तु, तथ्य, घटना तथा अन्य व्यक्ति के बारे में पूर्व निर्णय से होता है! पूर्वाग्रह वे धनात्मक या ऋणात्मक अभिवृत्तिया हैं, जो किसी अभिवृत्ति वस्तु के प्रति सामान्य अस्वीकृति या नापसंद के रूप में व्यक्त होती है! पूर्वाग्रह में अभिव्यक्ति के तीन अवयव सम्मिलित हैं – संज्ञानात्मक अवयव, भावनात्मक अवयव और व्यवहारपरक अवयव! 

पूर्वाग्रह की विशेषताएं (Features of prejudice in hindi) –

(1) पूर्वाग्रह के स्वरूप में विवेक, तर्क एवं संगति का कोई स्थान नहीं होता! उनके प्रकार के विरोधी तथ्य एवं सूचनाओं को व्यक्ति के सामने प्रस्तुत करने पर भी वह अपने पूर्वाग्रह पर अडिग रहता है! 

(2) पूर्वाग्रह का स्वरूप कार्यात्मक होता है, क्योंकि इसमें कुछ फायदा भी व्यक्ति को होता है! उदाहरण – पूर्वाग्रह विद्वेष को उचित ठहराने में संतुष्टि प्रदान करता है! इसके द्वारा दमित इच्छाओं की संतुष्टि होती है! 

(3) पूर्वाग्रह चाहे अनुकूल हो या प्रतिकूल इसका संबंध वास्तविकता से नहीं होता है! पूर्वाग्रह सुनी- सुनायी बातों एवं पुराने रीति-रिवाजों पर आधारित होती है! 

(4) पूर्वाग्रह काफी दृढ एवं स्थिर विचारों पर आधारित होता है! 

(5) पूर्वाग्रह में संवेगात्मक रंग होता है और वह किसी समूह, धर्म, जाति के लोगों के या तो अनुकूल होता है या प्रतिकूल होता है! 

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