मध्य प्रदेश के प्रमुख किले या दुर्ग (Madhay pradesh ke pramukh Kile)

मध्य प्रदेश के प्रमुख किले (Madhay pradesh ke pramukh Kile)

MP Ke Kile –

मध्य प्रदेश के प्रमुख किले (Madhay pradesh ke pramukh Kile) या दुर्ग इस प्रकार है –

             नाम

    स्थान

       निर्माणकर्ता

अटेर का किला

  भिंड

  बदनसिंह

चौगान का किला

  चौरागढ़

  संग्राम शाह

चंदेरी का किला

  अशोकनगर

  राजा कीर्तिपाल

धार का किला

  धार

  मोहम्मद तुगलक

बांधवगढ़ का किला

  बांधवगढ़

  बघेल राजा

गोहद का किला

  गोहद(भिंड)

  राजा सिंघदेव 2

मंदसौर का किला

  मंदसौर

  अलाउद्दीन खिलजी

मंडला का किला

  मंडला

  राजा नरेंद्र शाह

गिन्नौरगढ़ का किला

  गिन्नौरगढ़

  राजा उदय वर्मा

ओरछा का किला

  ओरछा

  वीर सिंह बुंदेला

अजयगढ़ का किला

  पन्ना

  अजयपाल

 रायसेन का किला

  रायसेन

  राजा राजबसंती

 मकडाई का किला

  हरदा

  मकरंद शाह

 सबलगढ़ का किला

  मुरैना

  राजा गोपीसिंह

 कुशलगढ़ का   किला

  महू ( इंदौर)

  कुशल सिंह

  नरवर का किला

 शिवपुरी

  राजा नल

 असीरगढ़ का किला

  बुरहानपुर

  आसा(अहीर.राजा)

 माधवगढ़ का किला

  सतना

  माधो सिंह

 ग्वालियर का किला

  ग्वालियर

  राजा सूरज सेन

 मध्यप्रदेश के प्रमुख किले (Madhay pradesh ke pramukh Kile)  –

(1) ग्वालियर का किला – 

madhay Pradesh Ke Pramukh Kile

ग्वालियर के किले का निर्माण राजा सूरजसेन द्वारा आठवीं शताब्दी में करवाया गया था. इसे “किलों का रत्न” तथा ”पूर्व का जिब्राल्टर” भी कहा जाता है! ग्वालियर के किले में आलमगीर का दरवाजा, हिंडोला दरवाजा, गुजरी महल दरवाजा, चतुर्भुज दरवाजा, हाथीफोड दरवाजा, आदि 5 दरवाजे हैं! 

(2) असीरगढ़ का किला –  

यह बुरहानपुर में स्थित है, इसे दक्षिण का प्रवेश द्वार कहते हैं. असीरगढ़ किले का निर्माण 16-17 वीं शताब्दी में किया गया जो गोंड कालीन मुगल स्थापत्य का विस्तृत रूप है इसका निर्माण आशा नामक एक अहीर राजा ने करवाया है! 
 
असीरगढ़ के किले में खूनी भंडारा स्थित है, जो एक पेयजल व्यवस्था है. यहां 10 वीं शताब्दी में निर्मित एक प्राचीन शिव मंदिर तथा आशा देवी का मंदिर और प्रतिमा भी है. इसे 250 मीटर ऊंची दीवार वाला दुर्ग भी कहा जाता है! 

(3) चंदेरी का किला – 

चंदेरी के किले का निर्माण प्रतिहार राजा कीर्तिपाल ने 11वीं शताब्दी में करवाया था, जो बेतवा नदी के तट पर स्थित है. जौहर कुंड, नौखंडा महल, हवा महल इस किले की प्रमुख इमारतें हैं. बाबर के आक्रमण पर 800 राजपूत रानियों ने यहां जौहर किया था! 

(4) धार का किला – 

madhay Pradesh Ke Pramukh Kile

धार के किले का निर्माण मोहम्मद बिन तुगलक द्वारा 1344 में दक्षिण विजय के करवाया गया था, खरबूजा महल और अब्दुल साथ चंगल का मकबरा इसके लिए की प्रमुख इमारतें हैं. पेशवा बाजीराव का जन्म धार के किले में हुआ था! 

(5) गिन्नौरगढ़ का किला – 

गिन्नौरगढ़ का किला भोपाल से लगभग 60 किलोमीटर दूर गिन्नौरगढ़ की पहाड़ी पर स्थित है. इसका निर्माण 13 शताब्दी में महाराजा उदय वर्मा ने करवाया था. यह किला तोतों के लिए बहुत प्रसिद्ध है, इस किले के आसपास बहुत बड़ी मात्रा में तोते पाए जाते हैं! 

(6) नरवर का किला – 

नरवर का किला शिवपुरी जिले के नरवर कस्बे में सिद्ध नदी के तट पर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है! इसके किले का निर्माण राजा नल ने करवाया था. यह किला राजा नल और दमयंती की प्रेम कथा कहता है. यह किला तीन भागों में विभक्त है और 8 किमी. क्षेत्र में फैला है. इस किले का संबंध तोमर, कछुवाहो और जयपुर के राजघरानों से रहा है! (Madhay pradesh ke pramukh Kile)
 

(7) ओरछा दुर्ग – 

madhay Pradesh Ke Pramukh Kile

ओरछा के दुर्ग का निर्माण राजा वीरसिंह बुंदेला ने 16 वी शताब्दी में करवाया था, यह बेतवा नदी के किनारे पर स्थित है, ओरछा दुर्ग में जहांगीर महल का निर्माण राजा वीरसिंह बुंदेला  ने करवाया था. चतुर्भुज मंदिर, राम मंदिर तथा लक्ष्मी नारायण मंदिर इसी किले में है! 
 

(8) सबलगढ़ का किला – 

सबलगढ़ का किला मुरैना जिले की सबलगढ़ पहाड़ियों पर स्थित है, इस किले का निर्माण करौली के यदुवंशी राजा गोपी सिंह ने 18 शताब्दी के पूर्वार्ध में कराया था. चार प्रवेश द्वार वाले इस किले के अंदर नवल सिंह की हवेली स्थापत्य कला का अनुपम उदाहरण है. इस किले को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है! 
 

(9) मंडला का दुर्ग – 

मंडला का किला मध्यप्रदेश के मंडला जिले में स्थित है, इसके किले का निर्माण 17 शताब्दी में गोंड राजा नरेंद्र शाह ने करवाया था. मंडला के किले में राज राजेश्वरी की स्थापना निजाम शाह ने कराई थी! 
 

(10) मकडाई का किला – 

मकड़ाई के किले का निर्माण राजा मकरंद शाह ने पंडारिया के हमले से बचने के लिए करवाया था यह किला हरदा जिला मुख्यालय से 30 किमी दक्षिण पूर्व में स्थित है. किले के नजदीक ही जादूगर मालन का महल सीमानी नदी के किनारे स्थित है. किले में चार द्वार भवनों, राज परिवार के निवास स्थलों, बुर्जो एवं विशाल भव्य बावड़ी स्थित है! (Madhay pradesh ke pramukh Kile)
 

(11) मंदसौर का किला – 

मंदसौर के किले का निर्माण अलाउद्दीन खिलजी ने शिवना नदी के तट पर करवाया था, यहां 500 वर्ष प्राचीन तापेश्वर महादेव का मंदिर स्थित है! 
 

(12) रायसेन का दुर्ग – 

रायसेन दुर्गे का निर्माण राजा राज बसंती ने 16 शताब्दी में करवाया था यह रायसेन जिले में स्थित है यह बादल महल राजा रोहित महल, मदान महल कुएँ और बावड़ी के लिए प्रसिद्ध है! 

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