मध्यप्रदेश की जलवायु (Madhay pradesh ki jalvayu)

Madhay pradesh ki jalvayu

मध्यप्रदेश की जलवायु –

किसी क्षेत्र में लंबे समय तक जो मौसमी दशाए पाई जाती है उसे उस स्थान की जलवायु कहते हैं! मध्यप्रदेश की जलवायु (Madhay pradesh ki jalvayu) उष्णकटिबंधीय मानसूनी है! 

मध्यप्रदेश के जलवायु प्रदेश (Madhay pradesh ki jalvayu pradesh) –

(1) उत्तर का मैदान –

समुंद्र से दूर होने के कारण यहां पर गर्मी में अधिक गर्मी और ठंड में अधिक ठंड पड़ती है यहां गर्मियों में औसत तापमान 40° से 45° सेंटीग्रेड करता है तथा सर्दियों में सब तापमान 15° से 17° सेंटीग्रेड रहता है इसलिए यह क्षेत्र उप आर्द्र श्रेणी में आता है! बुंदेलखंड मध्य भारत रीवा पन्ना का पठार आदि क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं

(2) मालवा का पठार –

यहां पर न तो ग्रीष्म ऋतु में अधिक गर्मी पड़ती है और न ही शीत ऋतु में अधिक ठंड पड़ती है इसलिए यह क्षेत्र सम जलवायु क्षेत्र कहलाता है! यहां सबसे अधिक वर्षा अरब सागर के मानसून के कारण होती है! 

(3) विंध्य का पहाड़ी क्षेत्र –

विंध्याचल पर्वत का क्षेत्र भी सम जलवायु क्षेत्र है इसलिए यहां अभी गर्मी नहीं पड़ती और ठंड में भी साधारण ठंड पड़ती है! पंचमढ़ी और अमरकंटक क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं! 

(4) नर्मदा घाटी क्षेत्र –

यह कर्क रेखा के लगभग समांतर होने के कारण परियों में क्षेत्र में बहुत तेज गर्मी पड़ती है लेकिन सर्दियों में सामान्य सर्दी यही रहती है! चट्टान वाले क्षेत्र कहीं बाहर 47° से 50°C के बीच ग्रीष्म ऋतु में गर्म हो जाते हैं!
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