बौद्धिक संपदा अधिकार क्या है बौद्धिक संपदा अधिकार के प्रकार एवं विशेषताएं

बौद्धिक संपदा क्या है (Intellectual Property in hindi)- 

बौद्धिक संपदा अधिकार मानव मस्तिष्क की उपज है! साहित्य, संगीत, चित्र, डिजाइन, कला, खोज अविष्कार इत्यादि के क्षेत्रों में किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा जो कुछ सृजन किया जाए उसे बौद्धिक संपदा अधिकार की श्रेणी में रखते हैं अतः इसे मानव मस्तिष्क के उत्पाद के रूप में देखा जाता है! 

विश्व व्यापार संगठन (WTO) के व्यापार संबंद्ध बौद्धिक संपदा अधिकार प्रावधान के अनुसार प्रौद्योगिकी के प्रत्येक उत्पाद अथवा प्रक्रिया के अन्वेषण पर पेंटेंट उपलब्ध होगा बशर्ते है कि, वह नए हों, उनमें अन्वेषणात्मक घटक हो तथा वे औद्योगिक उपयोग हेतु सक्षम हो! यह बौद्धिक संपदा के संरक्षण की व्यवस्था करता है! 
बौद्धिक संपदा संगठन ने बौद्धिक संपदा को निम्न रूप में श्रेणीबद्ध किया है –

(1) साहित्यिक कलात्मक और वैज्ञानिक कृत्य! 
(2) कलाकारों फोनोग्राम और प्रसारण का प्रदर्शन या उपलब्धियां! 
(3) मानव उद्यम के सभी क्षेत्रों के अविष्कार! 
(4) वैज्ञानिक खोज!        
(5) औद्योगिक डिजाइन! 
(6) ट्रेडमार्क, सर्विस मार्क और वाणिज्यिक नाम और डिजाइनीकरण! 
(7) अन्यायपूर्ण प्रतिस्पर्धा के विरुद्ध संरक्षण!

बौद्धिक संपदा अधिकार क्या है (Intellectual Property Rights in hindi) – 

किसी व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा किए गए किसी सृजन के मद्देनजर उस व्यक्ति या उन व्यक्तियों को प्रदान किए गए अधिकार बौद्धिक संपदा अधिकार कहलाते हैं! इस अधिकार से यह आशय है कि वह नव्यक्ति या वे व्यक्ति स्वयं द्वारा किए गए सजन का एक निश्चित समय तक विशिष्ट उपयोग करने के अधिकारी होते हैं! 

बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रकार (types of intellectual property rights in hindi) –

ट्रिप्स के अंतर्गत बौद्धिक संपदा अधिकारों का विभाजन इस प्रकार किया गया है – (1) कॉपीराइट एवं संबंद्ध अधिकार! (2) पेटेंट           (3) ट्रेडमार्क        (4) भौगोलिक संकेत (5) ओद्योगिक डिजाइन  (6) इंटीग्रेटेड सर्किट   (7) ट्रेड सीक्रेट्स (8) प्लांट ब्रीडरस 

(1) कॉपीराइट क्या है (Copyright in hindi) – 

कॉपीराइट द्वारा किसी साहित्यिक कृति अथवा कलाकृति (जैसे पुस्तक एवं लेखन कार्य, संगीतमय कृति, पेंटिंग, मूर्तिकला, कंप्यूटर प्रोग्राम एवं फिल्मों) को लेखक या निर्माता के पूरे जीवन का सहित उसकी मृत्यु के बाद निश्चित वर्षों तक संरक्षित किया जाता है! कॉपीराइट की समय सीमा सभी देश अपने अनुसार निर्धारित करते हैं! 

(2) पेटेंट क्या है (Patent in hindi)-

किसी व्यक्ति या उद्यम द्वारा किए गए आविष्कार या खोजो या उस व्यक्ति या उद्यम द्वारा किए गए प्रक्रियागत विकास से संबंद्ध कानूनी संरक्षण को पेटेंट के अंतर्गत रखा जाता है! 

अविष्कार को प्रोत्साहन देने के लिए पेटेंट कानून के तहत सीमित समय तक संरक्षण दिया जाता है! पेटेंट कानून अवधारणा सर्वप्रथम 18 वी सदी में उभरी! उस समय पेटेंट कराने वाले अपने द्वारा किए गए अविष्कार का विवरण दर्ज कराते थे! 

(3) ट्रेडमार्क क्या है (Trademark in hindi) – 

किसी एक उत्पाद या सेवा को अन्य उत्पाद या सेवा से पृथक करने वाले चिन्ह, डिजाइन या अभिव्यक्ति ‘व्यापार चिन्ह या ट्रेडमार्क’ कहे जाते हैं! ट्रेडमार्क का स्वामित्व का अधिकार किसी व्यक्ति, व्यापार, संगठन, या वैधानिक एंटिटी को होता है!

ट्रेडमार्क एक शब्द या शब्दों के समूह, अक्षरों के समूह, संख्याओं के समूह, चित्र, चिन्ह, त्रिविमीय चिन्ह, श्रव्य चिन्ह जैसी संगीतमय ध्वनि या विशिष्ट प्रकार के रंग के रूप में हो सकता है!  

(4) भौगोलिक संकेत क्या है (Geographical indication in hindi) –

एक भौगोलिक संकेत एक संकेत है जो उन उत्पादों पर उपयोग किया जाता है जिनकी एक विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति होती है और इसमें उस क्षेत्र के विशेषताओं के गुण और प्रतिष्ठा भी पाई जाती है!

एक भौगोलिक संकेत धारक किसी और व्यक्ति को उसी तकनीक से इसी उत्पाद को बनाने से नहीं रोक सकता है, लेकिन नकल करने वाला व्यक्ति उसी संकेत का उपयोग नहीं कर सकता है! 

(5) औद्योगिक डिजाइन (Industrial design in hindi)- 

भारत में डिजाइन अधिनियम 2000 के अनुसार, डिजाइन से तात्पर्य आकार, अनुक्रम, विन्यास, प्रारूप या अलंकरण, रेखाओं या वर्णों का संघटन जिसे किसी ऐसी वस्तु पर प्रयुक्त किया जाए जो या तो द्वितीय रूप में या त्रिवेणी रूप में अथवा दोनों में हो! 

(6) ट्रेड सीक्रेट्स (Trade secrets in hindi) –

व्यापार रहस्य एक और सार्वजनिक ज्ञान का विषय है, जो वाणिज्य कार्यप्रणालियों या एक व्यापार के स्वामित्व के ज्ञान से संबंधित है! व्यापार रहस्य का सार्वजनिक प्रकटीकरण कभी-कभी गैरकानूनी हो सकता! 

विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (World Intellectual Property Organization or wipo in hindi) – 

विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की स्थापना 1959 में रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और विश्व में बौद्धिक संपदा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए की गई थी! इसके अंतर्गत वर्तमान में 26 अंतर्राष्ट्रीय संधियों आती है! इसका मुख्यालय जिनेवा स्विजरलैंड में है! प्रत्येक वर्ष 26 अप्रैल को वैश्विक बौद्धिक संपदा दिवस मनाया जाता है! भारत में 1975 में wipo का सदस्य बना इसमें 196 सदस्य हैं! 

विश्व बौद्धिक संपदा संगठन के कार्य (wipo ke karya) –

(1) विभिन्न देशों की सीमाओं के पार बौद्धिक संपदा संरक्षण और विवादों को हल करने के लिए वैश्विक सेवाएं देना! 
(2) बौद्धिक संपदा प्रणालियों को आपस में जोड़ने और ज्ञान साझा करने के लिए तकनीकी आधारभूत संरचना बनाना! 
(3) विश्व में संतुलित अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा नियमों को बनाने के लिए नीतिगत मंच तैयार करना! 
(4) wipo बौद्धिक संपदा की जानकारी के लिए विश्वसनीय वैश्विक संदर्भ स्त्रोत के रूप में कार्य करना! 

भारत में बौद्धिक संपदा सुरक्षा (intellectual property protection in india in hindi)-

भारत में 1970 में पेटेंट अधिनियम पारित किया गया! इस अधिनियम के अंतर्गत खाद्य, रसायन एवं औषधि के क्षेत्र में प्रक्रिया पेटेंट प्रदान किया गया था! साथ ही अधिनियम के अंतर्गत भारत में केवल 14 वर्षों के लिए ही प्रक्रिया एवं उत्पाद पेटेंट प्रदान किया जाता था एवं खाद्य, रसायन एवं औषधि क्षेत्र में 5 से 7 वर्ष के लिए प्रक्रिया पेटेंट प्रदान किया जाता था! 

भारतीय पेटेंट व्यवस्था में अनिवार्य लाइसेंस जारी करने की कृपा की व्यवस्था करने के साथ-साथ जनहित में पेमेंट वापस लेने का भी प्रावधान करता है! भारतीय अधिनियम 1970 रॉयल्टी भुगतान पर उच्च सीमा आरोपित करता है! इस सीमा से अधिक राशि का भुगतान करने की अनुमति प्रदान नहीं की गई है! यदि किसी पेटेंट धारक के अधिकारों का हनन होता है तो उसे यह सिद्ध करना होता है कि उसके अधिकारों का हनन हुआ है!  

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