समानुभूति (Empathy) किसे कहते हैं? इसकी विशेषताएं

समानुभूति (Empathy) –

समानुभूति (Empathy) का शाब्दिक अर्थ है – समान अनुभूति! दूसरे शब्दों में समानुभूति व्यक्ति की वह गहरी भावनात्मक समझ है, जिसमें वह स्वयं को दूसरे लोगों की स्थिति से जोड़कर, उनकी मन:स्थित को समझते हुए समस्या के स्वरूप एवं उसकी गहनता को महसूस करता है!

समानुभूति तभी संभव है, जब व्यक्ति में स्वयं अपनी भावनाओं और इच्छाओं को समझ पाने अथवा पहचान पाने की क्षमता हो! इसका चरम रूप वहा दिखता है जहां व्यक्ति की चेतना में स्व तथा पर का अंतर मिटने लगता है! 

 समानुभूति की विशेषताएं (Types of Empathy in hindi) –  

(1) समानुभूति के लिए सक्रिय श्रवण आवश्यक है! 

(2) इसमें दूसरे व्यक्तियों की भावनाओं, स्थितियों एवं जरूरतों को समझने पर अधिक ध्यान दिया जाता है!

 (3) इसमें दूसरों की भावना के प्रति संवेदनशील होकर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया जाता है! 

(4) इस क्षमता से युक्त व्यक्तियों में सांवेगिक बुद्धि तथा दूसरों के प्रति संवेदनशीलता का भाव पाया जाता है! 

(5) समानुभूति के विकास के लिए लोगों की समस्याओं को समझने, महसूस करने का अवसर प्राप्त हो होना चाहिए! 

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