आर्थिक नियोजन (Economic Planing) क्या है? इसके प्रकार एवं विशेषताएं

आर्थिक नियोजन (Economic Planing in hindi)- 

नियोजन की ऐसी अवधारणा है जिसका आज विभिन्न क्षेत्र में प्रयोग किया जाता है! प्रत्येक क्षेत्र में इसका मूल अर्थ है एक जैसा है! पूर्ण परिभाषित आर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए उपलब्ध संसाधनों का इष्टतम दोहन करने की प्रक्रिया ही आर्थिक नियोजन (Economic Planing) है! 

एक आर्थिक योजना सामान्यतः एक व्यक्त कार्य नीति के साथ दिए गए समय में निश्चित आर्थिक लक्ष्य को पाना है! आर्थिक योजनाएं Economic Planing) व्यापक या आंशिक हो सकती हैं! एक विस्तृत योजना अर्थव्यवस्था के सभी बड़े पहलुओं को समाहित करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करती है! वही एक हिस्से (कृषि, उद्योग, निजी क्षेत्र आदि) के लिए लक्ष्य निर्धारित करती है! 

आर्थिक प्रणाली के प्रकार के आधार पर विकास क्रम में नियोजन (Economic Planing) दो प्रकार का होता है – 

(1) आदेशात्मक नियोजन – 

वह नियोजन प्रक्रिया जो राज्य नियंत्रित अर्थव्यवस्था के अनुसार होती है, उन्हें आदेशात्मक नियोजन कहा जाता है! ऐसे नियोजन को निर्देशात्मक या लक्ष्य आधारित नियोजन कहते हैं! यह दो प्रकार का होता है!

समाजवादी प्रणाली में सभी आर्थिक फैसले सरकार के हाथ में केंद्रित होते हैं इसमें संसाधनों पर सामूहिक स्वामित्व होता है! साम्यवादी प्रणाली में सभी संसाधनों पर सरकार का कब्जा होता है और वही प्रयोग करती है! इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार है –

(1) नियोजन में विकास और वृद्धि के संख्यात्मक मात्रात्मक लक्ष्य तय कर दिए जाते हैं (जैसे 4,00,000 टन सीमेंट, 5000 प्राथमिक स्कूल आदि) 

(2) बाजार मूल्य प्रणाली की इसमें करीब पर कोई भूमिका नहीं होती क्योंकि सभी आर्थिक निर्णय केंद्रीकृत ढंग से राज्य सरकार द्वारा ले जाते हैं!

निर्देशात्मक नियोजन – 

सोवियत संघ में नियोजन शुरू होने के बाद के दो दशकों में नियोजन के विचार पर लोकतांत्रिक दुनिया का ध्यान गया! फिर ऐसा समय आया जब ऐसी कुछ अर्थव्यवस्थाओं ने राष्ट्रीय नियोजन शुरू किया! क्योंकि न तो यह वह राज्य नियंत्रित अर्थव्यवस्था थी न हि उनकी राजनीतिक प्रणाली साम्यवादी/समाजवादी थी, इसलिए उनके नियोजन को आदेशात्मक अर्थव्यवस्था से अलग होना था! ऐसे नियोजन का अर्थशास्त्रीयो और विशेषज्ञों ने निर्देशात्मक नियोजन कहा! जिसकी विशेषताएं इस प्रकार है-


(1) निर्देशात्मक नियोजन का पालन करने वाली सभी अर्थव्यवस्था मिश्रित अर्थव्यवस्था थी! 

(2) एक केंद्र नियोजित अर्थव्यवस्था के विपरीत (देश आदेशात्मक निवेदन का पालन कर रहे थे) निर्देशात्मक नियोजन बाजार (मूल्य प्रणाली) की जगह लेने के बजाय इसके जरिए काम करता है! 

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