भारत के प्रमुख बंदरगाह (Bharat pramukh bandargah)

 

(Bharat pramukh bandargah

भारत के प्रमुख बंदरगाह के नाम एवं स्थान, क्षेत्र (Bharat pramukh bandargah ke Name and Palce) –

         नाम

     स्थान

          क्षेत्र

      कांडला

    गुजरात

   अरब सागर

      जवाहरलाल नेहरू

    महाराष्ट्र

   अरब सागर

      मुंबई

    महाराष्ट्र

   अरब सागर

      मार्मागोवा

    गोवा

   अरब सागर

      न्यू मंगलुरू

    कर्नाटक

   अरब सागर

      कोच्चि

    केरल

   अरब सागर

      पारादीप

    ओड़ीसा

 बंगाल की खाड़ी

      विशाखापत्तनम

    आंध्र प्रदेश

 बंगाल की खाड़ी

      चेन्नई

    तमिलनाडु

 बंगाल की खाड़ी

      तूतीकोरिन

    तमिलनाडु

 बंगाल की खाड़ी

      एन्नौर

    तमिलनाडु

 बंगाल की खाड़ी

      पोर्ट ब्लेयर

    अंडमान

 बंगाल की खाड़ी

      कोलकाता

    पश्चिम बंगाल

 बंगाल की खाड़ी

भारत के प्रमुख बंदरगाह (Bharat pramukh Bandargah Dockyard / bandergah in hindi) –

(1) जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह ( Bharat pramukh bandargah JNP ) –

यह भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह है, यह सभी अत्याधुनिक सुविधा से युक्त होने के कारण विश्व के सबसे अच्छे बंदरगाह की श्रेणी में आता है! मुंबई से 14 किलोमीटर दक्षिण में स्थित इस बंदरगाह का निर्माण मुंबई बंदरगाह के दबाव को कम करने के लिए किया गया था! यहां बंदरगाह फोरलेन वाले सुपर राजमार्ग के द्वारा सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है! 
 

(2) चेन्नई बंदरगाह(Bharat pramukh bandargah Chennai) – 

चेन्नई बंदरगाह एक कृत्रिम बंदरगाह है, जो तमिलनाडु के उत्तरी-पूर्वी तट पर स्थित है! यहां 81 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है इसकी औसत गहराई लगभग 16 मीटर है यहां से खाद्यान्न,चमड़े, लोहा अयस्क, तेल के खली, चीनी, हल्दी, लकड़ी और तंबाकू इस बंदरगाह से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख उत्पाद है!  
 
इस बंदरगाह से कोयला, रसायन, कपास, कपास के उत्पाद, खाद्य तेल, लोहा एवं इस्पात, उर्वरक, धातु मशीनरी, पेट्रोलियम और कच्चे तेल आदि का आयात किया जाता है! यह बंदरगाह एक साथ 22 पोतों को संभाल सकता है! 
 

(3) कांडला बंदरगाह (Bharat pramukh bandargah Kandla) – 

कच्छ की खाड़ी के शीर्ष पर स्थित इस बंदरगाह का निर्माण स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात कराची बंदरगाह की कमी की पूर्ति के उद्देश्य से किया गया! कांडला बंदरगाह सरक्रीक की खाड़ी में स्थित एक प्राकृतिक बंदरगाह है, इसकी औसत गहराई लगभग 10 मीटर है! गुजरात स्थित कांडला एक ज्वारी बंदरगाह है यह मुक्त व्यापार क्षेत्र वाला बंदरगाह है! 
 
यहां से हड्डियों, कपास, खाद्यान्न, नाफ्था, नमक और चीनी का निर्यात किया जाता है और पेट्रोलियम, उर्वरक, फास्फेट, सल्फर का यहां से आयात किया जाता है! 
 

(4) एन्नोर बंदरगाह (Bharat pramukh bandargah Annor)

एन्नोर बंदरगाह का विकास चेन्नई बंदरगाह के भार को कम करने के लिए किया गया था यह चेन्नई से लगभग 20 किमी उत्तर में स्थित एक प्राकृतिक बंदरगाह है! 
 
इस बंदरगाह से चमड़े, मशीनरी, अभ्रक, चावल और चीनी का निर्यात किया जाता है और सीमेंट, कपास, खाद्य तेल, उर्वरक, मशीनरी और पेट्रोलियम उत्पाद का यहां से आयात किया जाता है! 
 

(5) कोचीन या कोच्चि बंदरगाह (Bharat pramukh bandargah Kochi) – 

यह एक प्राकृतिक बंदरगाह है जो केरल तट पर वेलिंगटन द्वीप पर स्थित है यहां भारत का सबसे बड़ा पोत निर्माण कार्य कारखाना है इसमें देसी जहाज जलपोत तैयार किए जाते हैं यह पूरे वर्ष भर कार्यशील रहता है! स्वेज-कोलंबो जलमार्ग के नजदीक  स्थित होने के कारण यह वाणिज्यिक और सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण बंदरगाह है! 
 
इस बंदरगाह से नारियल, नारियल उत्पाद, काजू गिरी, खोपरा, रबड़, मछली  समुद्री आहार आदि को निर्यात किया जाता है और रसायन, कपास, कोयला, खाद्य तेल, लोहा एवं इस्पात, मशीनरी तथा धातु का आयात किया जाता है! 
 

(6) कोलकाता बंदरगाह (Bharat pramukh bandargah Kolkata) – 

कोलकाता बंदरगाह किसी नदी के तट पर स्थित भारत का एकमात्र सबसे बड़ा बंदरगाह है! जिसकी स्थापना 1877 में की गई थी, भारत के सबसे पुराने बंदरगाहों में से एक है! यह हुगली नदी पर स्थित है! इसका पश्च क्षेत्र अनेक राज्यों में फैला है! 
 
भूटान और नेपाल का आयात निर्यात इसी बंदरगाह से किया जाता है! यहां से हड्डियों, जूट,अस्थि चूर्ण, बंकर तेल, लोहा एवं इस्पात, बिजली के सामान, पटसन उत्पाद, चमड़े के सामान  अभ्रक  मशीनरी, रद्दी माल, चाय और लकड़ी इत्यादि वस्तुओं का निर्यात किया जाता है और खाद्य तेल, उर्वरक, मशीनरी, रेलवे उपकरण और पेट्रोलियम आदि का आयात किया जाता है! 
 

(7) मुंबई बंदरगाह (Bharat pramukh bandargah Mumbai) –  

मुंबई बंदरगाह को ब्रिटिश शासकों द्वारा सन 1672 में सूरत बंदरगाह के प्रतिस्थापन के रूप में विकसित किया गया था यह एक प्राकृतिक बंदरगाह है जिसकी औसत गहराई 12 मीटर है मुंबई भारत के पश्चिमी तट पर स्थित सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है इसका विशाल पृष्ठ प्रदेश महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा  पंजाब उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैला है!
 
यहां से कपास के समान, सूती धागे  बिजली का सामान, मशीनरी और वाहनों का निर्यात किया जाता है और रसायन उर्वरक, इलेक्ट्रॉनिक, सामान मशीनरी, कागज, लुग्दी, पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पाद और कपास का आयात किया जाता है! 
 

(8) मर्मगोवा बंदरगाह (Bharat pramukh bandargah Marmugao) –

गोवा के ज्वारनदमुख के प्रवेश पर स्थित यह एक प्रमुख बंदरगाह है! यहां से पान के पत्ते, काजू, मैगनीज और नमक का निर्यात किया जाता है और मैग्नीज, सीमेंट, कच्चा तेल  खाद्यान्न, उर्वरक और मशीनरी को आयात किया जाता है! 
 

(9) न्यू मंगलौर बंदरगाह(Bharat pramukh bandargah Mangaluru) –

इसका उद्घाटन 1975 में हुआ! कर्नाटक के तट पर इसे पुराने मंगलौर बंदरगाह से 9 किलोमीटर उत्तर में विकसित किया गया है! यहां राष्ट्रीय राजमार्ग 17 और बड़ी रेल लाइन द्वारा मुंबई से जुड़ा हुआ है यहां से टिंबर, ग्रेनाइट, लोहा अयस्क, मैगज़ीन, काजू,कहवा, लोहा अयस्क आदि का निर्यात किया जाता है और उर्वरक, कच्चा तेल, मशीनरी, पेट्रोलियम उत्पाद आदि का आयात किया जाता है! 
 

(10) पारादीप बंदरगाह (Bharat pramukh bandargah Paradeep) – 

यहां भारत का सर्वाधिक गहरा बंदरगाह है जो उड़ीसा के तट पर स्थित है पारादीप बंदरगाह का उद्घाटन 1966 में हुआ इस बंदरगाह से लोह-अयस्क, लोहा एवं इस्पात, मैग्नीज, सूती वस्त्र और रद्दी लोहा आदि का यहां से निर्यात किया जाता है और वही खाद्य तेल, मशीनरी, बिजली के सामान और पेट्रोलियम उत्पाद का आयात किया जाता है
 

(11) न्यू तूतीकोरिन (Bharat pramukh bandargah Tutucorin) –

यह तमिलनाडु तट पर स्थित है! इस बंदरगाह का विकास पुराने तूतीकोरिन बंदरगाह से लगभग 8 किमी दक्षिण में किया गया है! यह रेल नेटवर्क और एनएच-7A सडक सेवा से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है! यहां से गरम मसाले, इलायची, नारियल, कपास, कपास उत्पादन और चमड़े आदि का निर्यात किया जाता है और उर्वरक, कोयला, हार्डवेयर और मशीनरी का आयात किया जाता है! 
 
 

(12) विशाखापट्टनम बंदरगाह (Bharat pramukh bandargah visakhapatnam) – 

यहां देश का सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक बंदरगाह है, जिसको 1933 में विकसित किया गया था! माल वाहन में यह देश का प्रथम स्थान का बंदरगाह है! यह बंगाल की खाड़ी में स्थित है! इसका पश्च क्षेत्र आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और उड़ीसा तक विस्तृत है! 
 
 
इन्हें भी पढ़ें –
 

 

Leave a Comment

error: Content is protected !!