कृत्रिम बुद्धिमता (Artificial intelligence) क्या है, इसके उपयोग,लाभ एवं हानि

कृत्रिम बुद्धिमता (Artificial intelligence in hindi) –

कृत्रिम बुद्धिमता (Artificial intelligence) के अंतर्गत मशीनों में मानव जैसी बुद्धि क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जाता है ताकि मशीनें परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय ले सके तथा बिना मानवीय आदेश के कार्य कर सकें!

आचरण संबंधी पक्षों से जुड़ी मानव तर्कशक्ति, अधिगम, अवगत आदि का मॉडल तैयार करने में कंप्यूटर के प्रयोग को कृत्रिम बुद्धिमता कहते हैं! कृत्रिम बुद्धिमता का प्रयोग किसी समस्या को हल करने के लिए तर्कशक्ति प्रक्रिया का मॉडल तैयार करने में किया जाता है! 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोट सिस्टम के द्वारा काम करता है! आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी! आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थापना जाॅन मैकार्थी ने की थी! जापान ने सबसे पहले इस और पहल करते हुए 1981 में 5th जेनरेशन नामक योजना शुरू की थी इसके बाद ब्रिटेन ने इसके लिए एल्वी नामक एक प्रोजेक्ट बनाया! 

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रमुख क्षेत्र (Main areas of artificial intelligence in hindi) – 

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रमुख क्षेत्र कंप्यूटर विज्ञान, भाषा विज्ञान, मनोविज्ञान, गणित एवं इंजीनियरिंग, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, चिकित्सा विज्ञान आदि है! 

कृत्रिम बुद्धिमता के लाभ (Benefits Of Artificial Intelligence in hindi) –

(1) कृत्रिम बुद्धिमता की सहायता से मशीनों को ऐसे जटिल एवं तनावपूर्ण कार्य करने में सक्षम बनाया जा सकता है, जो प्रायः मनुष्य द्वारा किए जाते हैं! 

(2) कृत्रिम बुद्धि युक्त मशीनों के द्वारा ऐसे सभी कार्य को किया जा सकता है.जो मनुष्य के लिए खतरनाक होते हैं!

 (3) कृत्रिम बुद्धिमता वाले कंप्यूटर की सहायता से किसी कार्य को मानव की से अपेक्षा शीघ्रता से पूर्ण किया जा सकता है, क्योंकि यह मशीनें बिना थके कोई भी कार्य लगातार कर सकती हैं!

 (4) रोबोटिक्स की सहायता से बाहय अंतरिक्ष के मामलों और कुछ अनसुलझे रहस्य को सुलझा जा सकता है! 

(5) कृत्रिम बुद्धिमता के उपयोग से संसाधनों तथा समय के व्याही को कम किया जा सकता है कि से कम समय में वांछित परिणाम को प्राप्त किया जा सकता है!

 (6)  कृत्रिम बुद्धिमता के उपयोग से गलतियों की संभावना कम होती है और जटिल सॉफ्टवेयर को आसानी से समझने लायक बनाया जा सकता है! 

(7) संचार, स्वास्थ्य, रक्षा, कृषि, खेल, विनिर्माण और आपदा प्रबंधन आदि क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमता के उपयोग से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं! 

कृत्रिम बुद्धिमता के दोष (disadvantages of artificial intelligence in hindi) – 

(1) कृत्रिम बुद्धिमत्ता का दुरुपयोग किसी भयानक घटना को अंजाम देने में किया जा सकता है! 

(2)  कृत्रिम बुद्धियुक्त मशीनों के खराब हो जाने की स्थिति में उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों का अधूरा रह जाने की संभावना रहती है! 

(3)  कृत्रिम बुद्धियुक्त मशीनों के खराब हो जाने की स्थिति में उनके सॉफ्टवेयर को बदलना महंगा होता है!

(4) कृत्रिम बुद्धिमत्ता में मानवीय संवेदना का अभाव होता है एवं इससे मनुष्य की गुणवत्ता की अनदेखी का खतरा बना रहता है! 

(5) कृत्रिम बुद्धिमता मिल जाने के बाद मशीनों यदि स्वयं निर्णय ले सकेगी तो उनकी इंसानो का निर्भरता खत्म हो जायेगी! ऐसे में इंसानों के लिए नुकसानदायक हो सकती है! इसके साथ ही इंसान और मशीनों में  प्रतिस्पर्धा भी हो सकती है! 

(6)  कृत्रिम बुद्धियुक्त मशीनों में मानव रोजगार को प्रतिस्थापित करने की क्षमता होती है जिससे मानव समाज में बेरोजगारी की समस्या और बढ़ सकती है! 

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